अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने दावे को दोहराया है कि उन्हें मध्य पूर्व के कई देशों से प्रस्ताव मिल रहे हैं, जो गाजा में सेना भेजकर "हमास को नियंत्रित" करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे अभी इस कार्रवाई को टाल रहे हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि हमास अभी भी "सही काम" करेगा।
'गाजा में घुसने को तैयार'
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मध्य पूर्व और आसपास के क्षेत्रों में हमारे कई महान सहयोगियों ने मुझे दृढ़ता से सूचित किया है कि यदि हमास हमारे समझौते का उल्लंघन करता रहा और दुर्व्यवहार करता रहा, तो वे भारी सैन्य बल के साथ गाजा में जाकर हमास को नियंत्रित करने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने आगे कहा, "मध्य पूर्व से मिलने वाला यह प्यार और जज्बा एक हजार साल में नहीं देखा गया। यह एक खूबसूरत नजारा है। मैंने इन देशों और इजरायल से कहा है कि 'अभी नहीं!' क्योंकि मैं उम्मीद करता हूं कि हमास वही करेगा जो सही है।"
हमास को ट्रंप ने चेताया
इस बीच, ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि "अगर हमास नहीं सुधरता, तो उसका खात्मा बहुत तेजी से और उग्रता के साथ होगा।" उन्होंने उन सभी देशों का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने उनके इस रुख का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने इंडोनेशिया और उसके नेतृत्व का भी आभार जताया, जिसने संयुक्त राष्ट्र अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय बल में सैन्य योगदान देने की इच्छा व्यक्त की है।
अभी जारी है युद्धविराम
गाजा में हाल ही में लागू हुए सीजफायर में बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता को लेकर दोनों पक्षों ने समझौता किया है। ट्रंप ने इस शांति योजना को 20 सूत्रीय बताया, जिसके बाद इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम हुआ। हालांकि, इजरायल ने आरोप लगाया है कि हमास बंधकों के शव लौटाने में देरी कर रहा है। ट्रंप ने हमास को "बहुत हिंसक समूह" बताया और कहा कि अगर वे "उन्मादी" रवैया जारी रखते हैं, तो कार्रवाई "बहुत तेज और हिंसक" होगी। वहीं, हमास लगातार इन आरोपों का खंडन करता रहा है और अपनी शांति योजना के पालन का दावा करता रहा है।
