पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच पश्चिम अफ्रीकी देश माली की राजधानी बमाको में भारी गोलीबारी की खबर है। माली की राजधानी बामाको और अन्य शहरों में शनिवार सुबह बंदूकधारियों ने कई स्थानों पर हमले किये।इसके अलावा, मोदिबो कीता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आस-पास भारी हथियारों और ऑटोमैटिक राइफलों से फायरिंग की आवाज सुनी गई। माली की सेना ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अज्ञात सशस्त्र आतंकवादी समूहों ने राजधानी में कुछ स्थानों और बैरकों को निशाना बनाया। सैनिक फिलहाल हमलावरों से निपटने में लगे हुए हैं।
माली वायुसेना का एयरबेस के पास स्थित है हवाई अड्डा, जहां हुई फायरिंग
समाचार एजेंसी एपी ने अपने एक संवाददाता के हवाले से बताया कि एयरपोर्ट शहर के केंद्र से करीब 15 किलोमीटर दूर है और इसके पास ही माली वायुसेना का एयरबेस भी स्थित है। घटना के दौरान इलाके में हेलीकॉप्टर गश्त करते देखे गए,जिससे सुरक्षा स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गोलीबारी की वजह अभी साफ नहीं
स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि गोलीबारी की आवाजें धीरे-धीरे उनके इलाकों के करीब आती महसूस हो रही थीं। एक निवासी ने सुरक्षा कारणों से नाम न बताने की शर्त पर कहा कि संभव है हमलावर एयरपोर्ट से भाग रहे हों। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि गोलीबारी की वजह क्या है। गौरतलब है कि पश्चिम अफ्रीकी देश माली पहले से ही आतंकी हमलों और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
किदाल के पूर्व महापौर ने बताया कि बंदूकधारी शहर में घुस गए और कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप सेना के साथ उनकी मुठभेड़ हुई है।
गौरतलब है कि उत्तरी माली में अलग अजावाद देश बनाने के लिए अजावाद अलगाववादी आंदोलन वर्षों से जारी है।'अजावाद लिबरेशन फ्रंट'के प्रवक्ता मोहम्मद एलमाउलौद रमदाने ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि उनके बलों ने पूर्वोत्तर शहर किदाल और गाओ के कई इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।
2024 में अल-कायदा से जुड़े एक समूह ने किया था हमला
इससे पहले, साल 2024 में अल-कायदा से जुड़े एक समूह ने बामाको के हवाई अड्डे और राजधानी में एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था,जिसमें कई लोग मारे गए थे। बता दें कि माली अपने पड़ोसी नाइजर और बुर्किना फासो के साथ, लंबे समय से अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े सशस्त्र समूहों से लड़ रहा है। पिछले एक दशक में यह लड़ाई और तेज हो गई है।
