रिपोर्टों के मुताबिक बीते दिसंबर में यह ज्वालामुखी सक्रिय हुआ था और उसके बाद समय-समय पर इससे लावा निकलता रहा है। लावा निकलने की यह 38वीं घटना है। एजेंसी ने क्रेटर के दक्षिणी वेंट से कई ओवरफ्लो दर्ज किए और गुंबद के आकार के लावा फव्वारे देखे। यह विस्फोट हवाई ज्वालामुखी नेशनल पार्क के अंदर हलेमाउमाउ क्रेटर तक ही सीमित है।
यह घटना हवाई वोल्केनोज नेशनल पार्क के एक खतरनाक और बंद क्षेत्र के भीतर हुई, जो इस बात को बताती है कि पर्यटकों को सक्रिय वेंट्स से दूर क्यों रखा जाता है। यूएसजीएस का जो कैमरा नष्ट हुआ है, उसे V3 कैमरा कहा जाता है। यह कैमरा ज्वालामुखी से एक मील से भी कम (लगभग 500 मीटर) की दूरी पर स्थित था और ज्वालामुखी की सक्रियता और उससे निकलने वाले लावे का लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा था।
थोड़ी ही देर बाद, दक्षिणी वेंट से निकलने वाला लावा तीव्र हो गया और इसकी ऊंचाई 1,000 फीट (300 मीटर) तक जाने लगी। यूएसजीएस के वीडियो में दिखता है कि लावा के गुच्छे और टुकड़े लेंस पर गिरने लगते हैं, फीड हिलने लगती है और फिर दृश्य काला हो जाता है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के हवाईयन वोल्केनो वेधशाला के अनुसार, एपिसोड 38 ने 12 घंटे से अधिक समय तक लगातार फव्वारे उत्पन्न किए और कुछ समय के लिए शिखर क्रेटर में वेंट्स से दुर्लभ 'ट्रिपल फाउंटेन' भी बनाया।
यूएसजीएस के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर ज्वालामुखी से लावे का विस्फोट शुरू हुआ और यह करीब 12 घंटे तक लगातार जारी रहा। ज्वालामुखी से लावा फव्वारे की तरह निकलता रहा। एजेंसी की तरफ से जारी वीडियो फुटेज में दिखता है कि ज्वालामुखी से निकलने वाली राख और ज्वलनशील मलबा क्रेटर के पास लगे कैमेर को अपनी चपेट मे ले लेते हैं। (तस्वीर-X/USGS)