जयपुर 2027 में 300 साल का हो जाएगा। आमेर किला, हवा महल, जंतर-मंतर और जौहरी बाजार सहित जानें पिंक सिटी घूमने की 7 खास वजहें।
साल 1727 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने जयपुर की स्थापना की थी। यह भारत के शुरुआती योजनाबद्ध शहरों में शामिल है। शहर की चौड़ी सड़कें और पुराने बाजार आज भी इसके शानदार इतिहास की कहानी सुनाते हैं।
अरावली की पहाड़ियों के बीच बना आमेर किला जयपुर की सबसे खूबसूरत जगहों में शामिल है। यहां का शीश महल, बड़े आंगन और शानदार दरवाजे देखने लायक हैं। किले से मावठा झील का नजारा भी दिखाई देता है। यहां घूमने के लिए दो से तीन घंटे जरूर रखें।
जयपुर का हवा महल अपनी 953 छोटी खिड़कियों यानी झरोखों के लिए मशहूर है। साल 1799 में बने इस महल से शाही परिवार की महिलाएं बाहर की गतिविधियां देख सकती थीं। सुबह की धूप में इसकी गुलाबी दीवारें और भी खूबसूरत दिखाई देती हैं।
जयपुर का जंतर-मंतर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यहां सदियों पुराने विशाल खगोलीय यंत्र मौजूद हैं, जिनसे समय और ग्रहों की स्थिति का पता लगाया जाता था। विज्ञान और इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह जगह बेहद खास है।
जयपुर की ब्लॉक प्रिंटिंग, मीनाकारी और ब्लू पॉटरी दुनियाभर में पसंद की जाती हैं। यहां कारीगर आज भी पारंपरिक तरीकों से खूबसूरत चीजें बनाते हैं। सांगानेर और बगरू में कपड़ों की ब्लॉक प्रिंटिंग देखने का अनुभव आपकी ट्रिप को खास बना सकता है।
जयपुर का जौहरी बाजार कुंदन, पोल्की, मीनाकारी और रंगीन रत्नों के गहनों के लिए मशहूर है। यहां पारंपरिक डिजाइन की कई दुकानें मिलेंगी। वहीं बापू बाजार से राजस्थानी जूतियां, कपड़े और खूबसूरत सजावटी सामान खरीद सकते हैं।
जयपुर में गोविंद देव जी मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर और गलताजी जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। यहां दर्शन के बाद दाल-बाटी-चूरमा, प्याज की कचौरी और घेवर का स्वाद जरूर लें। जयपुर की यात्रा में आस्था और स्वाद दोनों का आनंद मिलेगा।