सोचिए, कोई लेखक महज 20 महीने में 370 से ज्यादा किताबें लिख डाले। इतनी किताबें लिखने में किसी को भी कई साल, यहां तक कि पूरी जिंदगी लग सकती है। हालांकि दक्षिण अफ्रीका की एक राइटर ने यह काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कर दिखाया है। इनका नाम है कोरल हार्ट। उनकी इस रफ्तार ने उन्हें चर्चा में तो ला दिया, लेकिन तारीफ से ज्यादा आलोचना और विवाद भी उनके हिस्से आए हैं।
कोरल हार्ट पर आरोप लग रहे हैं कि वह एआई की मदद से बड़ी संख्या में किताबें तैयार करके बाजार में उतार रही हैं। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया, अपशब्द कहे और धमकियां तक दीं। लेखिका का कहना है कि एआई अब राइटिंग की दुनिया का हिस्सा बन चुका है। इसे सिर्फ इसलिए नकारा नहीं जा सकता कि कुछ लराइटर इसके इस्तेमाल से सहमत नहीं हैं।
370 किताबें लिखने के पीछे क्या है तरीका?
कोरल हार्ट फरवरी 2025 से एआई की मदद से किताबें लिख रही हैं। इससे पहले वह करीब 14 साल तक प्रकाशन की दुनिया में काम कर चुकी थीं और तकनीक का इस्तेमाल किए बिना भी कई किताबें लिख चुकी थीं। एआई से लेखन शुरू करने से पहले उन्होंने करीब तीन महीने अलग-अलग एआई टूल्स को समझने और अपनी काम करने की प्रक्रिया तैयार करने में लगाए।
उनका तरीका सिर्फ एआई को यह कह देने तक सीमित नहीं है कि एक किताब लिख दो। वह पहले कहानी का विचार तय करती हैं। इसके बाद किरदारों, लेखन शैली और अध्यायों की रूपरेखा तैयार की जाती है। फिर एआई की मदद से कहानी का पहला मसौदा तैयार होता है।
पहला मसौदा तैयार होने के बाद उसमें सुधार किया जाता है। कहानी की निरंतरता, किरदारों के व्यवहार और अधूरे कथानक जैसे पहलुओं को जांचा जाता है। आखिर में एक इंसानी प्रूफरीडर भी किताब को पढ़ता है और जरूरी बदलाव करता है।
क्या एआई से लिखी किताबें बिक भी रही हैं?
हार्ट का दावा है कि उनकी किताबों की बिक्री अच्छी हो रही है। उनके मुताबिक, उनकी किताबें डिजिटल, प्रिंट और ऑडियो जैसे माध्यमों में उपलब्ध हैं और अब तक 10 लाख से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस साल उनकी कमाई 10 लाख डॉलर से अधिक रही है। उनकी एक किताब अमेजन की शीर्ष 100 बेस्टसेलर किताबों में भी जगह बना चुकी है।
क्या लेखकों के लिए खतरा है एआई?
एआई से किताबें लिखने को लेकर साहित्य की दुनिया में बहस तेज है। आलोचकों का कहना है कि इससे कम समय में बड़ी संख्या में ऐसी किताबें बाजार में आ सकती हैं, जिनकी गुणवत्ता कमजोर हो। इसे अक्सर ‘एआई स्लॉप’ कहा जाता है, यानी एआई से तेजी से तैयार की गई ऐसी सामग्री जिसमें मौलिकता या गुणवत्ता की कमी हो सकती है।
दूसरी ओर, हार्ट का तर्क है कि पाठक अंततः किताब की गुणवत्ता और कहानी को महत्व देते हैं। अगर किताब पसंद नहीं आती, तो पाठक उसे वापस भी कर सकते हैं। वह एआई को लेखकों की जगह लेने वाला खतरा मानने के बजाय एक ऐसे साधन के रूप में देखती हैं, जिसका सही इस्तेमाल किया जा सकता है।
