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रिहाई के बाद खालिदा जिया का पहला संदेश, बोलीं-हमें एक नए और खुशहाल बांग्लादेश का निर्माण करना है

Khaleda Zia's first message: बीएनपी की नेता ने कहा कि 'हमें एक नए बांग्लादेश का निर्माण करना है। इस जीत के बाद युवा और छात्र हमारे उम्मीद होंगे।' अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर खालिदा ने कहा कि हमें एक लोकतांत्रिक बांग्लादेश का निर्माण करना है। ऐसा बांग्लादेश जहां सभी धर्मों के लोग सम्मान के साथ रह सकें।

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बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया।

KEY HIGHLIGHTS
  • सोमवार को पीएम पद से शेख हसीना ने दिया इस्तीफा, बांग्लादेश में हिंसा जारी
  • कट्टरपंथी हिंदू सहित अल्पसंख्यक समुदायों के घरों को निशाना बना रहे हैं
  • हर जगह हिंसा होने की खबरें, अब तक करीब 500 लोगों की जान जा चुकी है

Khaleda Zia's first message: जेल से रिहा होने के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने लोगों से एक लोकतांत्रिक बांग्लादेश के निर्माण करने की अपील की है जिसमें सभी धर्मों के लोग सम्मानपूर्वक रहें। अपने वीडियो संदेश में खालिदा ने कहा, 'जब मैं जेल में थी तब आप लोगों ने मेरे अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। अल्लाह की मेहरबानी की वजह से मैं आज आप लोगों से बात कर पा रही हूं। हमें इस फासीवादी सरकार से आजादी मिली है। आजादी की इस लड़ाई में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है मैं उन लोगों को श्रद्धांजलि देती हूं।'

युवा और छात्र हमारे उम्मीद होंगे-खालिदा

बीएनपी की नेता ने कहा कि 'हमें एक नए बांग्लादेश का निर्माण करना है। इस जीत के बाद युवा और छात्र हमारे उम्मीद होंगे।' अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर खालिदा ने कहा कि हमें एक लोकतांत्रिक बांग्लादेश का निर्माण करना है। ऐसा बांग्लादेश जहां सभी धर्मों के लोग सम्मान के साथ रह सकें। हमें शांति, समृद्ध से युक्त एक प्रगतिशील बांग्लादेश का निर्माण करना है। बता दें कि 2018 में भ्रष्टाचार के एक मामले में खालिदा (79) को 17 साल की सजा हुई। तब से वह हाउस अरेस्ट थीं। गत मंगलवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उनकी रिहाई के आदेश दिए।

बांग्लादेश में हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना

बांग्लादेश में इस समय हिंसा का दौर जारी है। मंगलवार को देश के कई हिस्सों से हसीना की आवामी लीग पार्टी के कम से कम 29 समर्थकों का शव बरामद हुआ। जिससे सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर जुलाई में शुरू हुए प्रदर्शन के हिंसक होने से अब तक मारे गए लागों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है।

हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया

शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद जेल से रिहा बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को नवीनीकृत पासपोर्ट मिल गया है। जिया (79) को तत्कालीन प्रधानमंत्री हसीना के कार्यकाल में 2018 में भ्रष्टाचार के लिए 17 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच हसीना (76) ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और भारत चली गईं।

जिया और हसीना की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता

बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष जिया वर्तमान में विभिन्न बीमारियों का इलाज करा रही हैं। जिया को हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के अपदस्थ होने के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के कार्यकारी आदेश पर रिहा कर दिया गया। जिया दो साल से ज्यादा समय से जेल में बंद थीं। हसीना के नेतृत्व वाली सरकार ने 25 मार्च, 2020 को एक कार्यकारी आदेश के जरिए जिया की सजा को निलंबित कर दिया और उन्हें सशर्त रिहाई दी। इसके बाद, सरकार ने आवेदन पर हर छह महीने में उनकी सज़ा के निलंबन और रिहाई की अवधि को बढ़ाया।

बांग्लादेश में दशकों से जिया और हसीना की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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