Balen Shah Message To Gen-Z: नेपाल में हिंसा और प्रदर्शन के बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने प्रदर्शनकारियों जेन-जी (Gen-Z) के आंदोलन की तारीफ करते हुए सुनहरे भविष्य निर्माण की बात कही है। साथ ही नए सरकार के गठन में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की है। बालेन शाह ने कहा कि संसद को अविलंब भंग किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम का भी समर्थन किया।
बालेन शाह का संदेश
बालेन शाह ने ट्वीट किया, प्रिय जेन-जी (Gen-Z ) और सभी नेपालियों से मेरा अनुरोध है: देश इस समय एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है। आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कृपया इस समय घबराएं नहीं; धैर्य रखें। अब देश को एक अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो देश में नए चुनाव कराएगी। इस अंतरिम सरकार का काम चुनाव कराना और देश को एक नया जनादेश देना है। मैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इस अंतरिम/चुनावी सरकार का नेतृत्व सौंपने के आपके प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता हूं। मैं आपकी समझ, बुद्धिमत्ता और एकता का तहे दिल से सम्मान करता हूं। इससे पता चलता है कि आप कितने परिपक्व हैं। मैं अपने उन दोस्तों से, जो इस समय नेतृत्व संभालने की जल्दी में हैं, यही कहना चाहता हूं कि देश को आपके जुनून, आपकी सोच और आपकी ईमानदारी की स्थायी रूप से जरूरत है, अस्थायी रूप से नहीं। इसके लिए चुनाव होंगे। कृपया जल्दबाजी न करें। माननीय राष्ट्रपति जी, जेन-जी द्वारा लाई गई ऐतिहासिक क्रांति की रक्षा के लिए, एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाना चाहिए और संसद को अविलंब भंग किया जाना चाहिए।
युवाओं के बीच लोकप्रिय बालेन शाह
बता दें कि बालेन शाह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। बालेन शाह एक नेपाली रैपर और राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में नेपाल की राजधानी काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में काम कर रहे हैं। वे काठमांडू के मेयर चुने जाने वाले पहले स्वतंत्र उम्मीदवार हैं। वह सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय रहते हैं। नेपाल में भारी हिंसा और प्रदर्शनों के बीच चर्चा थी कि बालेन शाह को देश की कमान दी जा सकती है।
कैसे शुरू हुआ आंदोलन
नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवा और छात्र एकजुट होकर सड़कों पर उतर पड़े थे। प्रदर्शन इतना उग्र था कि छात्र संसद परिसर तक में घुस गए और इसे आग लगा दी। नेपाल के कोने-कोने से प्रदर्शन और झड़पें हुईं। प्रदर्शन बेहद हिंसक हो उठा और उग्र प्रदर्शनाकारियों से निपटने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। इसने युवाओं के गुस्से को और भड़का दिया। गुस्साए युवाओं ने पीएम केपी शर्मा ओली सहित कई मंत्रियों के घरों को आग के हवाले कर दिया। कई मंत्रियों को बुरी तरह पीटा भी गया। सेना ने किसी तरह मंत्रियों की जान बचाई।
