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Japan: Late Night तक काम पर लगी रोक और पैदा होने लगे ज्यादा बच्चे, जापान में आबादी बढ़ाने का फॉर्मूला

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jul 18, 2023, 02:20 PM IST

Japan: जापानी सांसद और प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा के सलाहकार मसाको मोरी ने इस साल की शुरुआत में चेतावनी दी थी कि अगर गिरती जन्म दर की समस्या बनी रही तो जापान खत्म हो जाएगा।

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जापान में इस फॉर्मुले से बढ़ने लगी आबादी (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

Japan: जापान में पिछले कुछ सालों में लोग बच्चे पैदा करने में रुचि नहीं दिखा रहे थे, जिससे जापान के सामने आबादी कम होने का संकट दिख रहा था, लेकिन अब जापान के हाथ एक ऐसा फॉर्मुले लगा है जिससे बच्चों की जन्म दर में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। जापान की एक कंपनी ने देर रात तक काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया, इसका नतीजा ये हुआ है कि उसके कर्मचारियों के ज्यादा बच्चे पैदा होने लगे। कर्मचारियों को इसके लिए समय मिला और वो बच्चे पैदा करने में रुचि दिखाने लगे।

जापान की बड़ी समस्या है घटती आबादी

जापानी सांसद और प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा के सलाहकार मसाको मोरी ने इस साल की शुरुआत में चेतावनी दी थी कि अगर गिरती जन्म दर की समस्या बनी रही तो जापान खत्म हो जाएगा। लेकिन, जापानी कंपनी इटोचू कॉर्प की एक नीति ने देश को इस समस्या के समाधान का रास्ता दिखा दिया है।

वर्क कल्चर का प्रभाव

जापान का वर्क कल्चर ऐसा है कि वहां कर्मचारी वर्ग के लोग परिवार के ज्यादा समय नहीं बिता पाते हैं, खासकर महिला श्रमिक। ऐसे में वो धीरे-धीरे बच्चा पैदा करने में रुचि कम दिखाने लगे। इसके बाद जापानी कंपनी इटोचू कॉर्प ने एक खास नीति लागू कर दी

कंपनी ने लागू कर दिया नियम

कंपनी ने देर रात तक काम करने की पॉलिसी को बंद कर दिया। इटोचू कॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मासाहिरो ओकाफूजी ने कुछ दुर्लभ मामलों को छोड़कर, रात 8:00 बजे (स्थानीय समय) के बाद कार्यालय में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया और ओवरटाइम रद्द कर दिया। इस नीति को लागू करने के बाद सुरक्षा गार्ड और मानव संसाधन कर्मचारी टोक्यो में इटोचू के कार्यालय भवन के चक्कर लगाते थे और लोगों को घर जाने के लिए कहते थे। जो लोग फिर भी अपना काम खत्म करने पर जोर देते थे उनसे कहा गया कि वे इसे पूरा करने के लिए अगले दिन जल्दी आएं, उन्हें अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।

क्या फायदा हुआ

कंपनी की यह नीति काम कर गई। कंपनी को भी अच्छा मुनाफा होने लगा। इसके अलावा कर्मचारियों के बीच प्रजनन दर दोगुनी हो गई है। इटोचू के कार्यकारी उपाध्यक्ष फुमिहिको कोबायाशी ने ब्लूमबर्ग को बताया, "हमने उत्पादकता बढ़ाने की योजना बनाई थी लेकिन हमें नहीं पता था कि इसका जन्मदर पर असर पड़ेगा।"

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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