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जॉर्जिया मेलोनी को लगा बड़ा झटका, इटली की जनता ने कहा- NO; PM बोलीं- मैं नहीं दूंगी इस्तीफा

Italy Referendum Justice: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सोमवार को न्याय सुधार को लेकर हुए जनमत संग्रह में हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि इटली की जनता ने 'NO' खेमे को चुनाव किया।

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी

Photo : AP

Italy Referendum Justice: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सोमवार को न्याय सुधार को लेकर हुए जनमत संग्रह में हार का सामना करना पड़ा। जिसे अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले उनकी दक्षिणपंथी सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

मेलोनी को लगा झटका

22-23 मार्च को हुए जनमत संग्रह में वोटों की गिनती हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 'No' पक्ष को लगभग 54 फीसदी वोट मिले, जबकि सरकार के प्रस्ताव के पक्ष को महज 46 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इस प्रस्ताव का मकसद संवैधानिक संशोधन कर न्यायपालिका में सुधार करना था।

मेलोनी ने हार की स्वीकार

मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''इटली की जनता ने जो फैसला दिया है, हम उसका सम्मान करते हैं। हमें इस बात का अफसोस है कि देश को आधुनिक बनाने का यह मौका चूक गया, लेकिन हम देशहित में काम करते रहेंगे।'' हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफा देने का उनका कोई इरादा नहीं है।

कितने प्रतिशत लोगों ने किया मतदान?

इस जनमत संग्रह में लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा था। चुनाव प्रचार के दौरान सरकार और न्यायपालिका के बीच तीखी नोंकझोक देखने को मिली, जिसका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है।

दक्षिणी शहर नेपल्स के कोर्टहाउस में लगभग 50 न्यायाधीशों ने नतीजे सामने आते ही फासीवादी-विरोधी इतालवी गीत 'बेला चाओ' गाकर जश्न मनाया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जनमत संग्रह में मिली हार से मेलोनी की वह छवि धूमिल हो गई है, जिसमें इटली के वोटर उन्हें हमेशा जीतने वाली नेता के तौर पर देखते थे। पिछले चार सालों में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कई चुनावों में लगातार जीत हासिल करने के बाद उनकी यह छवि बनी थी।

पूर्व प्रधानमंत्री मत्तेओ रेंजी ने कहा, ''जब किसी नेता का जादू खत्म होता है, तो लोग उस पर सवाल उठाने लगते हैं।'' बता दें कि रेंजी ने 2016 में प्रधानमंत्री पद से उस वक्त इस्तीफा दे दिया था, जब वह अपने ही संवैधानिक सुधार एजेंडे पर हुए जनमत संग्रह में हार गए थे।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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