Trump Bord of Peace: पहले किया तबाह अब ट्रंप संग मिलकर गाजा में शांति लाएंगे नेतन्याहू; बोर्ड ऑफ पीस में हुए शामिल
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 21, 2026, 01:47 PM IST
कहा जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस' गाजा में शांति योजना के दूसरे चरण के दौरान काम करना शुरू कर देगी। पहला चरण संपन्न हो चुका है, जिसके लिए अक्टूबर 2025 में इजरायल और हमास के बीच मिस्र, कतर, अमेरिका और तुर्की ने मध्यस्थता की थी।
नेतन्याहू-ट्रंप
गाजा पट्टी में स्थायी शांति, पुनर्निर्माण और अस्थायी शासन की निगेहबानी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'बोर्ड ऑफ पीस' बना रहे हैं। इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने कई देशों को न्योता दे रहे हैं। अब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसमें शामिल होने के लिए अपनी सहमति दे दी है। हालांकि पूर्व में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इसकी आलोचना की थी। उसने कहा था कि इसके गठन के लिए इस्राइल से कोई चर्चा ही नहीं की गई। लेकिन अब नेतन्याहू ने इसमें शामिल होकर दुनिया को चौंका दिया है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को इस बाबत बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति बोर्ड में शामिल होने पर उन्होंनें सहमति जताई है। इससे पहले उनके कार्यालय ने बोर्ड की कार्यकारी समिति की संरचना की आलोचना की थी। तब इस्राइल ने कहा था कि ये संगठन उसकी नीतियों के अनुरूप नहीं है। इस समिति में इस्राइल का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी तुर्की भी शामिल है। इस्राइली सुरक्षा मंत्री ने भी इसके गठन को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि गाजा को किसी भी प्रशासनिक या शांति समिति की जरूरत नहीं है। बल्कि गाजा से सिर्फ हमास के आतंकियों को हटाने की जरूरत है।
क्या काम करेगा ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस'
ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के नेतृत्व वाला शांति बोर्ड युद्ध के बाद गाजा में शांति स्थापित करने और उसके भविष्य को समृद्ध करने पर ध्यान देगा। इतना ही नहीं, भविष्य में यह वैश्विर रूप से अपना विस्तार कर एक तरह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरह काम करेगा। ट्रंप ने विश्व इतिहास में अभी तक का सबसे प्रभावशाली निर्णायक समूह करार दिया है।
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में कौन-कौन शामिल
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अध्यक्ष
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
- स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के विशेष वार्ताकार
- जेरेड कुशनर, ट्रंप के दामाद
- टोनी ब्लेयर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री
- मार्क रोवन, अरबपति अमेरिकी फाइनेंसर
- अजय बंगा, विश्व बैंक के अध्यक्ष
- रॉबर्ट गैब्रियल, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में ट्रंप के वफादार सहयोगी
शांति योजना के दूसरे चरण के दौरान काम कर देगा शुरू
ऐसा कहा जा रहा है कि यह परिषद शांति योजना के दूसरे चरण के दौरान काम करना शुरू कर देगी। पहला चरण संपन्न हो चुका है, जिसके लिए अक्टूबर 2025 में इजरायल और हमास के बीच मिस्र, कतर, अमेरिका और तुर्की ने मध्यस्थता की थी। यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस को पश्चिम देशों ने डिप्लोमैटिक तौर पर काफी हद तक अलग-थलग कर दिया है। हालांकि ट्रंप ने रूस को भी इसमें शामिल होने के लिए न्योता भेजा था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया था कि राष्ट्रपति पुतिन को कूटनीतिक माध्यमों से इस बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का ऑफर मिला है। हम अभी इस प्रस्ताव का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।
ट्रंप हैं इसके आजीवन अध्यक्ष
बोर्ड ऑफ पीस, गाजा के लिए एक 'अम्ब्रेला ओवरसाइट बॉडी' के तौर पर काम करेगा और जिसकी अध्यक्षता ट्रंप करेंगे, उसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। मिडिल ईस्ट और दुनिया भर के कई देशों के नेताओं को इसके लिए न्योता भेजा गया है। भारत भी इसमें शामिल है। बोर्ड की अध्यक्षता ट्रंप जीवन भर करेंगे। यह गाजा संघर्ष को सुलझाने से शुरू होगा और फिर दूसरे संघर्षों से निपटने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, इसके सदस्य देशों का कार्यकाल तीन साल तक सीमित होगा और स्थायी सदस्यता हासिल करने के लिए कथित तौर पर 1 बिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा।