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इजराइल के बंधकों को गाजा में संघर्ष विराम से पहले नहीं छोड़ा जाएगा- सिनवार की मौत के बाद हमास की धमकी

हमास के कब्जे में गाजा में अभी करीब 100 बंधक हैं और इजराइल के अनुसार करीब 30 बंधक मारे जा चुके हैं। ये बंधक कहां है, इजराइल को पता नहीं है।

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इजराइल के हमले के बाद गाजा का एक क्षेत्र

Photo : AP

हमास के नेता याह्या सिनवार को इजराइल मार चुका है। याह्या सिनवार के मारे जाने के बाद ये कहा जा रहा था कि इजराइल के बंधक अब रिहा हो जाएंगे, लेकिन हमास ने साफ कर दिया है कि युद्ध विराम से पहले इजराइली बंधकों को नहीं छोड़ा जाएगा।

गाजा में संघर्ष विराम हो

हमास ने शुक्रवार को पुष्टि की कि उसका नेता याह्या सिनवार गाजा में इजराइली बलों के हमले में मारा गया है। साथ ही चरमपंथी संगठन ने अपना यह रुख दोहराया कि एक साल पहले इजराइल से बंधक बनाए गए लोगों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा जब तक गाजा में संघर्ष विराम नहीं होता और इजराइली सैनिकों की वापसी नहीं होती।

इजराइल भी पीछे हटने को तैयार नहीं

इससे एक दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि जब तक बंधकों को रिहा नहीं किया जाता तब तक देश की सेना लड़ती रहेगी और हमास को कमजोर करने के लिए गाजा में तैनात रहेगी। दोनों पक्षों का यह रुख इस बात का संकेत देता है कि दोनों ही संघर्ष को समाप्त करने के करीब नहीं हैं।

अमेरिका की अपील और हमास का वादा

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और दुनिया के अन्य नेताओं ने कहा है कि सिनवार की मौत एक ऐसा निर्णायक मोड़ है जिसका इस्तेमाल रुकी हुई संघर्ष विराम वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए होना चाहिए। कतर में रहने वाले सिनवार के सिपहसालार खलील अल-हैया ने कहा, ‘‘गाजा में हमलों के समाप्त होने और गाजा से सैनिकों की वापसी से पहले वो कैदी आपके पास नहीं लौटेंगे।"

संघर्ष और तेज हो सकता है

इजराइल में गाजा में बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों ने मांग की है कि इजराइल सरकार सिनवार की मौत को अपने प्रियजनों को वापस लाने के संबंध में बातचीत फिर शुरू करने के मार्ग के रूप में इस्तेमाल करे। गाजा में अभी करीब 100 बंधक हैं और इजराइल के अनुसार करीब 30 बंधक मारे जा चुके हैं। उधर लेबनानी चरमपंथी समूह हिजबुल्ला ने शुक्रवार को इजराइली सैनिकों के खिलाफ लड़ाई का एक नया चरण शुरू करने की कसम खाई।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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