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हिजबुल्लाह से आर-पार के मूड में इजराइल, IDF चीफ ने सैनिकों को दे दिया बड़ा 'ऑर्डर'

Israel Hezbollah War:इजराइली सेना ने कहा है कि IDF लेबनान में संभावित जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उसने अपने रिजर्व सैनिकों को भी एक्टिव कर दिया है। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंका जताई है।

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इजराइल-हमास युद्ध

Israel Hezbollah War: हिजबुल्लाह के खिलाफ पेजर और अब तक के सबसे घातक हवाई हमने करने के बाद इजराइल अब आर-पार के मूड में है। खबर है कि इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीनी हमले का ऐलान कर दिया है। इस बाबत इजराइली सेना प्रमुख ने अपने सैनिकों को निर्देश भी जारी किए हैं। एएफपी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के सेना प्रमुख ने अपने सैनिकों से लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ संभावित जमीनी हमले के लिए तैयार रहने को कहा है। यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंका जताई है।

इस बीच इजराइली सेना ने कहा है कि IDF लेबनान में संभावित जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। देश की उत्तरी सीमा पर सैनिकों को संबोधित करते हुए थल सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल हेर्जी हालेवी ने कहा कि हालिया हवाई हमला लेबनान में दाखिल होने के लिए जमीन तैयार करने और हिज्बुल्ला को नेस्तानाबूत करने के लक्ष्य को सामने रख कर किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तरी इजराइल के विस्थापित नागरिकों को उनके घरों में वापस भेजने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, हम एक युद्धाभ्यास की प्रक्रिया तैयार कर रहे हैं।

इजराइल ने रिजर्व सैनिकों को सक्रिय किया

इजराइल की सेना ने कहा है कि वह हिजबुल्ला आतंकवादी समूह के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर रिजर्व सैनिकों को सक्रिय कर रही है। बुधवार को की गई घोषणा से संकेत मिलता है कि इजराइल लेबनान स्थित समूह हिजबुल्ला के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की योजना बना रहा है। यह घोषणा हिजबुल्ला द्वारा पहली बार तेल अवीव की ओर मिसाइल दागे जाने के कुछ घंटों बाद की गई है। इजराइल की सेना ने कहा कि वह उत्तरी क्षेत्र में जारी मिशन के लिए दो रिजर्व ब्रिगेड बुला रही है। सेना ने कहा कि इससे आतंकी संगठन हिजबुल्ला के खिलाफ लड़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

जंग का मैदान बनेगा मिडिल ईस्ट

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव बढ़ने के कारण बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की आशंका जताई है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे रक्तपात को रोकने के लिए कोई रास्ता निकाला जा सकता है। बाइडन ने चैनल एबीसी पर एक साक्षात्कार के दौरान यह बात कही। उनकी यह टिप्पणी लेबनान में इजराइल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादियों के बीच कई दिनों से जारी गोलाबारी के बीच आई है। हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए हैं और पश्चिम एशिया में फिर से व्यापक युद्ध की आशंका पैदा हो गई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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