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Israel Iran War: 'जरूरत पड़ी तो सेना उतारूंगा, हमले और तेज करेंगे...', ट्रंप का दावा- सैन्य कार्रवाई में 4 अमेरिकी सैनिक शहीद

Trump On Israel-Iran War: ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते की कोशिश की थी, लेकिन तेहरान बार-बार पीछे हटता रहा। उन्होंने कहा, “हमें लगा था कि समझौता हो गया है, लेकिन वे पीछे हट गए। फिर वे लौटे और फिर पीछे हट गए। मैंने कहा, आप इन लोगों से इस तरह डील नहीं कर सकते, इसे सही तरीके से करना होगा।”

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Israel Iran War: ट्रंप ने कहा- सैन्य ऑपरेशन लंबा चलेगा।

Photo : AP

Trump On Israel-Iran War: इजरायल-ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मीडिया से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने युद्ध से जुड़ी कई अहम जानकारी साझा की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते की कोशिश की थी, लेकिन तेहरान बार-बार पीछे हटता रहा। उन्होंने कहा, “हमें लगा था कि समझौता हो गया है, लेकिन वे पीछे हट गए। फिर वे लौटे और फिर पीछे हट गए। मैंने कहा, आप इन लोगों से इस तरह डील नहीं कर सकते, इसे सही तरीके से करना होगा।”

सैन्य अभियान में चार अमेरिकी सैनिकों की मौत

ट्रंप ने यह भी बताया कि मौजूदा सैन्य अभियान में चार अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा, “आज हम उन चार वीर अमेरिकी सैनिकों के लिए शोक व्यक्त करते हैं, जो ड्यूटी के दौरान मारे गए। उनकी याद में हम इस मिशन को पूरी ताकत और अडिग संकल्प के साथ जारी रखेंगे, ताकि इस आतंकी शासन से अमेरिकी जनता को होने वाले खतरे को कुचला जा सके।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और अमेरिका इस संघर्ष में आसानी से जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में अभियान के लिए चार से पांच सप्ताह का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अमेरिका के पास इससे कहीं अधिक समय तक कार्रवाई जारी रखने की क्षमता है। ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम सेना भी जमीन पर उतारेंगे।

ट्रंप का कहना है कि लगभग 47 वर्षों से, यह (ईरानी) शासन संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला कर रहा है और अमेरिकियों को मार रहा है। जनरल सोलेमानी, जो सड़क किनारे बम का जनक था। मैंने उसे अपने पहले कार्यकाल में ही समाप्त कर दिया था। यह हमारे लिए इस समय जो हम कर रहे हैं उसे रोकने और इस बीमार और शातिर शासन द्वारा उत्पन्न असहनीय खतरों को समाप्त करने का आखिरी और सबसे अच्छा मौका था।

क्या है अमेरिका का उद्देश्य?

ट्रंप ने कहा कि हमारे उद्देश्य स्पष्ट हैं। पहला, हम ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट कर रहे हैं। दूसरा, हम उनकी नौसेना को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं। हम पहले ही 10 जहाजों को नष्ट कर चुके हैं। वे समुद्र की तलहटी में हैं।

तीसरा, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दुनिया का नंबर एक आतंकवादी प्रायोजक कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त न कर सके। मैंने शुरू से ही कहा था कि उनके पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। वहीं, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरानी शासन अपनी सीमाओं के बाहर आतंकवादी सेनाओं को हथियार, धन और निर्देश देना जारी न रख सके।

ट्रंप ने कहा कि शुरू से ही हमने चार से पांच सप्ताह का अनुमान लगाया था, लेकिन हमारे पास इससे कहीं अधिक समय तक काम करने की क्षमता है। आज किसी ने कहा कि राष्ट्रपति इसे बहुत जल्दी निपटाना चाहते हैं और उसके बाद ऊब जाएंगे। मैं नहीं ऊबता। इसमें कुछ भी उबाऊ नहीं है। हमने सैन्य नेतृत्व को समाप्त करने के लिए भी चार सप्ताह का अनुमान लगाया था, और जैसा कि आप जानते हैं, यह लगभग एक घंटे में हो गया, इसलिए हम निर्धारित समय से काफी आगे हैं।"

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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