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बमबारी में बर्बाद हुआ हमास के टॉप कमांडर हानियेह का घर, अस्पताल में टेरर नेटवर्क का था पूरा बंदोबस्त

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Nov 16, 2023, 04:03 PM IST

Israel Hamas War: इजराइल ने युद्ध के 42वें दिन उत्तरी गाजा में अपना झंडा फहरा दिया है। उत्तरी गाजा में हमास के बंकरों-ठिकानों को बुलडोजर से नेस्तोनाबूद करने का काम जारी है। इसी बीच गाजा में जबर्दस्त धमाके ने दुनिया को चौंका दिया है।

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गाजा सिटी में जारी है इजरायल की बमबारी।

Photo : AP

Israel Hamas War: गाजा सिटी के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण कर चुकी इजरायल की सेना हमास के ठिकानों को ध्वस्त कर रही है। गाजा सिटी का सबसे बड़ा अल-शिफा अस्पताल हमास के आतंकियों के लिए सबसे बड़ा पनाहगाह के रूप में सामने आया है। आईडीएफ की रेड में अस्पताल के एमआरआई इमारत से हथियार और तकनीकि उपकरण मिले हैं। आईडीएफ का कहना है कि अस्पताल में हमास का एक एक्टिव मुख्यालय था और आतंकी संगठन इस अस्पताल का इस्तेमाल अपने अभियान चलाने एवं विस्फोटक रखने के लिए कर रहा था। IDF ने गुरुवार को हमास के टॉप कमांडर इस्माइल हानियेह के घर पर बमबारी की। हानियेह निष्कासन में रहता है।

उत्तरी गाजा में इजरायल ने अपना झंडा फहराया

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इजराइल ने युद्ध के 42वें दिन उत्तरी गाजा में अपना झंडा फहरा दिया है। उत्तरी गाजा में हमास के बंकरों-ठिकानों को बुलडोजर से नेस्तोनाबूद करने का काम जारी है। इसी बीच गाजा में जबर्दस्त धमाके ने दुनिया को चौंका दिया है। इस एयर स्ट्राइक के निशाने पर हमास के टॉप कमांडर का घर था। इस धमाके से हमास के साथ-साथ लेबनान और ईरान जैसे उसके हमदर्द भी चौंके हुए हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या हमास के आतंकी कमांडरों को ठिकाने लगाने की मुहिम इजरायल ने शुरू कर दी है।

IDF की 215वीं फायर ब्रिगेड ने किया ऑपरेशन

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IDF ने इस्माइल हानियेह के घर पर अटैक किया। फाइटर जेट से हानियेह के घर पर एयर स्ट्राइक हुई। इस हमले में हानियेह का घर तहस-नहस हो गया। IDF की 215वीं फायर ब्रिगेड ने इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि इस्माइल हानियेह का घर हमास के कमांडरों का मीटिंग प्वाइंट था, जहां से वो आतंकियों को इजरायल पर हमले का आदेश देते थे।

कौन है इस्माइल हानियेह

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इस्माइल हानियेह हमास के टॉप कमांडरों में से एक है। साल 2007 से 2014 तक वह वेस्ट बैंक में हमास की तरफ से सरकार में शामिल था। यही नहीं हानियेह 2006 से 2007 तक फिलिस्तीनी अथॉरिटी में पीएम रहा। वह वेस्ट बैंक-गाजा पट्टी में हुए आंतरिक संघर्ष में भी शामिल था। इजरायल के खिलाफ विद्रोह पर 1988 में उसकी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद 1992 तक उसने जेल में सजा काटी। बाद में 400 विद्रोहियों के साथ इजरायल ने उसे लेबनान भेज दिया।

हमास के सर्वनाश के साथ ही युद्ध खत्म होगा

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इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि उन्हें लगता है कि जब हमास के पास इजरायलियों की हत्या करने और उनके साथ बुरा बर्ताव करने की क्षमता नहीं रहेगी तब जाकर गाजा में संघर्ष खत्म हो जाएगा लेकिन हमास अभी भी अपने मंसूबे को अंजाम दे रहा है। बाइडेन ने साफ ऐलान कर दिया है कि हमास के सर्वनाश के साथ ही इजरायल-हमास युद्ध भी खत्म हो जाएगा लेकिन अमेरिका के ही कई पड़ोसी मुल्कों को बाइडेन की इजरायली नीति रास नहीं आ रही है। ज्यादातर लैटिन अमेरिकी देश अमेरिका डॉलर पर पलते हैं लेकिन इन्होंने इजरायल युद्ध के बीच अमेरिका को आंख दिखाने का काम किया है।

इजरायल ने प्रस्ताव खारिज किया

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में इजराइल के जमीनी और हवाई हमलों के बीच फलस्तीन के आम नागरिकों की बढ़ती मुश्किलों को कम करने के लिए ‘तत्काल तथा विस्तारित मानवीय संघर्ष विराम’ की मांग वाला एक प्रस्ताव अंगीकार किया है। इजरायल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंगीकार किया गया यह पहला प्रस्ताव है। हालांकि इजरायल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव के पक्ष में 12 वोट पड़े। अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने मतदान से दूरी बनाए रखी। इस प्रस्ताव में हमास की ओर से सात अक्टूबर को इजराइल पर अचानक किए गए हमले की निंदा नहीं किए जाने पर अमेरिका और ब्रिटेन ने इससे दूरी बनाई।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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