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अमेरिका-ईरान शांति डील के बीच पाकिस्तान के दौरे पर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, होर्मुज पर चर्चा के लिए ओमान पहुंचे मुख्य वार्ताकार

US Iran Switzerland Talks: अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान का आभार जताने मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान। वहीं ईरान के मुख्य वार्ताकार काबिलाफ ने ओमान का रुख किया है।

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अमेरिका-ईरान शांति डील के बीच पाकिस्तान के दौरे पर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, होर्मुज पर चर्चा के लिए ओमान पहुंचे मुख्य वार्ताकार (AP)

Masoud Pezeshkian Visit Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में संपन्न हुई मैराथन बैठकों के तुरंत बाद मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान (Masoud Pezeshkian) मंगलवार को पाकिस्तान की एक दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। युद्धविराम के बाद यह राष्ट्रपति पेजेश्कियान का पहला विदेशी दौरा है, जिसका मुख्य उद्देश्य वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता कराने के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद देना है।

मध्यस्थता के लिए पीएम शहबाज शरीफ का आभार जताएंगे पेजेश्कियान

ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क महानिदेशक हबीबुल्लाह अब्बासी ने सरकारी समाचार एजेंसी 'इर्ना' (IRNA) को बताया कि स्विट्जरलैंड के बुर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जो उच्च स्तरीय वार्ता संभव हो सकी, उसके पीछे पाकिस्तान की बेहद अहम भूमिका रही है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान इस दौरे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात कर इस सफल कूटनीति के लिए आभार व्यक्त करेंगे।

गौरतबल है कि पाकिस्तान और कतर की संयुक्त मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान '60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के रोडमैप' पर सहमत हो गए हैं। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा संकट और सीमा सुरक्षा बढ़ाने पर भी व्यापक चर्चा होगी।

ईरान के मुख्य वार्ताकार पहुंचे ओमान, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर बड़ा बयान

एक तरफ जहां राष्ट्रपति पाकिस्तान जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड वार्ता में ईरान का नेतृत्व करने वाले मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बकर कालिबाफ सोमवार को एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ओमान रवाना हो गए हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची भी शामिल हैं।

ओमान के लिए रवाना होने से पहले कालिबाफ ने अपने टेलीग्राम चैनल पर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया। कालिबाफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'पूरी दुनिया को यह जान लेना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रशासन अब कभी भी युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय नौवहन नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा, लेकिन अब इस रणनीतिक जलमार्ग का प्रबंधन और नियंत्रण पूरी तरह से 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' के हाथों में रहेगा।'

ओमान दौरे का मुख्य एजेंडा

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का ओमान दौरा मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा प्रबंधन के लिए संयुक्त रणनीतियों को मजबूत करने पर केंद्रित है। चूंकि ओमान और ईरान संयुक्त रूप से इस जलमार्ग की सीमा साझा करते हैं, इसलिए ईरान अमेरिका के साथ हुए हालिया घटनाक्रमों के बाद इस रूट पर अपनी नई सुरक्षा व्यवस्थाओं को पुख्ता करना चाहता है। स्विट्जरलैंड वार्ता के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल पर से अस्थाई रूप से प्रतिबंध हटाए हैं, जिसके बाद इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा दोनों पक्षों के लिए अत्यंत संवेदनशील हो गई है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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