Iran US Conflict: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच महीनेभर से युद्ध चल रहा है। अमेरिका ने एक तरफ ईरान से सीजफायर को लेकर वार्ता की बात कहकर कुछ दिनों के लिए हमले टाल दिए हैं, लेकिन इजरायल लगातार तेहरान पर हमले कर रहा है। ऐसे में भला ईरान कहां चुप रहने वाला है, वो भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ईरान न सिर्फ इजरायल पर, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बना रहा है।
'अमेरिकी सैनिकों को जलाकर कर देंगे राख'
इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर ने रविवार को अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालिबफ (Mohammad Bagher Qalibaf) ने कहा कि ईरान की सेनाएं जमीन पर अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रही हैं, ताकि उन्हें जलाकर राख कर सकें और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को हमेशा के लिए सजा दे सकें। कालिबफ ने कहा, "हमारी गोलाबारी जारी है। हमारी मिसाइलें अपनी जगह पर तैनात हैं। हमारा संकल्प और विश्वास और मजबूत हो चुका है।"
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका को जमीनी हमले के खिलाफ चेतावनी दी और धमकी दी कि अगर अमेरिकी सेनाएं ईरान की धरती पर उतरीं तो इस क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ा जवाबी हमला किया जाएगा। यह चेतावनी ऐसे समय पर जारी की गई जब अमेरिका ईरान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहा है।
'ताबूत में वापस जाएंगे अमेरिकी सैनिक'
इससे पहले, तेहरान टाइम्स ने 'नरक में आपका स्वागत है' नामक शीर्षक के साथ एक चेतावनी जारी की थी कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा तो वह महज ताबूत में ही वापस जाएंगे।
पश्चिम एशिया में 2,500 अमेरिकी सैनिक तैनात
वहीं, अमेरिका के लगभग 2,500 मरीन सैनिक पश्चिम एशियाई क्षेत्र में पहुंच गए हैं और इसके साथ ही यहां पिछले दो दशकों में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती हो गई है। इसके अलावा, 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' के कम से कम 1,000 'पैराट्रूपर्स' को भी पश्चिम एशिया भेजने का आदेश दिया गया है, जो दुश्मन के इलाके में उतरकर अहम ठिकानों और हवाई पट्टियों को सुरक्षित करने में सक्षम हैं।
