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क्या अमेरिका संग वार्ता को तैयार हो गया ईरान? मस्कट से वापस इस्लामाबाद लौटे अराघची, जानें क्या है प्लान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मस्कट से वापस इस्लामाबाद लौट आए हैं। बीते 24 घंटे में यह उनका दूसरा इस्लामाबाद दौरा है। जिसके बाद कहा जा रहा है कि ईरान-अमेरिका के बीच फिर से वार्ता शुरू हो सकती है।

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अमेरिका ईरान संभावित वार्ता (फोटो साभार: AI)

Iran US Peace Talks: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान की राजधानी मस्कट से रवाना होकर एक बार फिर इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है और बताया कि वह पाकिस्तान के दौरे के बाद अब वह मॉस्को के लिए रवाना होंगे। अराघची ने पहले ही संकेत दिया था कि उनका यह दौरा इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को के बीच समन्वय बढ़ाने की कूटनीतिक कोशिश का हिस्सा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक,अराघची का विमान नूर खान एयरबेस पर लैंड किया,जो इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित है। दौरा ऐसे समय हो रहा है जब क्षेत्रीय तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। अराघची खुद इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को का दौरा इसलिए कर रहे हैं, ताकि अमेरिका के साथ वार्ता के लिए एक मजबूत जमीन तैयार की जा सके।

बीते दिन इस्लामाबाद से गए थे मस्कट

इससे पहले मस्कट जाने से पहले इस्लामाबाद दौरे के दौरान अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर, उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई थी।

इस बीच, कहा जा रहा है कि इस्लामाबाद में मौजूद अराघची की टीम के कुछ लोग वापस ईरान लौट गए थे, अब वह फिर से इस्लामाबाद में उनके साथ जुड़ सकते हैं। अराघची के वापस इस्लामाबाद से उम्मीद जताई जा रही है कि पटरी से उतरी हुई ईरान-अमेरिका वार्ता फिर से शुरू हो सकती है। इससे पहले पहले दौर की वार्ता में दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बनी है।

पहले दौर में भी नहीं निकला था हल

इससे पहले इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली पहले दौर की वार्ता भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। उस दौर में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व जेडी वेंस ने किया था, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गलीबॉफ शामिल थे।

क्यों अटकी बातचीत

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने बातचीत शुरू करने के लिए एक सख्त शर्त रखी है। उसने कहा है कि पहले होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंध या नाकेबंदी को हटाया जाए,इसके बाद ही वह वार्ता के बारे में आगे बढ़ेगा।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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