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ईरान ने अब सड़क पर क्यों उतार दी सबसे खतरनाक मिसाइल? इजरायल को पहले भी दिन में दिखा चुकी है तारे

Iran Dangerous Missiles: ईरान में हर रात एक बड़ा जमावड़ा लगता है, जिसमें इस बार 'खोर्रमशहर-4' बैलिस्टिक मिसाइल (Khorramshahr-4 ballistic missile) को भी प्रदर्शित किया गया। ये ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइलों में गिनी जाती है।

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ईरान ने अब सड़क पर क्यों उतार दी सबसे खतरनाक मिसाइल? इजरायल को पहले भी दिन में दिखा चुकी है तारे

Khorramshahr-4 Ballistic Missiles: ईरान ने बीते दिन अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन किया। तेहरान के एक केंद्रीय चौराहे पर सरकार-समर्थक रैली के दौरान 'गद्र' (Ghadr) बैलिस्टिक मिसाइल को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इस सभा में शामिल लोगों ने 'अमेरिका का नाश हो' के नारे लगाए और माजिद मौसवी की तारीफ करते हुए उनसे 'तेल अवीव को निशाना बनाने' का आग्रह किया। राजधानी में ही एक अन्य स्थान पर हुए एक अलग प्रदर्शन में, एक और प्रमुख चौराहे पर 'खोर्रमशहर-4' बैलिस्टिक मिसाइल (Khorramshahr-4 ballistic missile) को भी प्रदर्शित किया गया। ये ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइलों में गिनी जाती है। इसने एक बार पहले भी युद्ध के दौरान इजरायल पर तगड़ा हमला किया था।

पिछले महीने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने चल रहे संघर्ष में एक बड़े तनाव के बीच, इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे की ओर एडवांस खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरानी सेना के अनुसार, एक टन के वॉरहेड ले जाने वाली इन मिसाइलों को भोर के समय तेल अवीव के पास स्थित बेन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और पास के एक इजरायली वायु सेना अड्डे की ओर दागा गया था। बताया गया कि यह हमला इजरायल के मुख्य अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश द्वार के लिए सबसे सीधे खतरों में से एक था।

खोर्रमशहर मिसाइल के बारे में

खोर्रमशहर मिसाइल एक लंबी दूरी की, तरल-ईंधन वाली बैलिस्टिक प्रणाली है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसकी मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर तक है और यह भारी विस्फोटक पेलोड ले जाने में सक्षम है।

खोर्रमशहर-4, जिसे खैबर मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है, यह एक मध्यम-श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है, जिसे ईरान के सरकारी एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन (AIO) ने विकसित किया है। इसे खोर्रमशहर मिसाइल परिवार के सबसे उन्नत संस्करणों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इस मिसाइल का नाम खोर्रमशहर शहर के नाम पर रखा गया है, जो ईरान-इराक युद्ध के दौरान ईरान के प्रतिरोध से प्रतीकात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।

हर रात होता है बड़ा जमावड़ा

28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, ईरान के प्रमुख सार्वजनिक चौकों पर रोजाना सरकार-समर्थक रैलियां हो रही हैं और अधिकारी तथा सरकारी टेलीविजन बड़े स्तर पर इसे प्रोत्साहित कर रहे हैं। आमतौर पर रात में आयोजित होने वाले ये जमावड़े सरकार के लिए सार्वजनिक समर्थन दिखाने का काम करते हैं, जिनमें भीड़ राष्ट्रीय ध्वज लहराती है। ये जमावड़े विपक्षी समूहों के लिए अंधेरा होने के बाद केंद्रीय स्थानों पर इकट्ठा होना मुश्किल बना देते हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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