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ईरान के तेवर सख्त, यूरेनियम संवर्धन छोड़ने से इनकार, कहा- किसी को भी हम पर हुक्म चलाने का नहीं है अधिकार

तेहरान में एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान अपनी परमाणु नीति बदलने के लिए दबाव में नहीं आएगा और चल रही वार्ता में संयुक्त राज्य अमेरिका के इरादों के बारे में गहरी शंका जताई।

Iran FM Abbas Araghchi, US President Donald Trump,

ईरान ने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम छोड़ने से किया इनकार

Iran News: ईरान ने सैन्य धमकियों और नए प्रतिबंधों के बावजूद यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम छोड़ने के लिए वाशिंगटन के दबाव को खारिज कर दिया है। रविवार को तेहरान में एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान अपनी परमाणु नीति बदलने के लिए दबाव में नहीं आएगा और चल रही वार्ता में संयुक्त राज्य अमेरिका के इरादों के बारे में गहरी शंका जताई।

अराघची की ये टिप्पणियां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बाद ईरान और अमेरिका द्वारा ओमान में वर्षों बाद पहली बार वार्ता फिर से शुरू करने की पृष्ठभूमि में आई हैं, जिसके चलते वाशिंगटन ने इजराइल के साथ मिलकर तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। तेहरान व्यापक आर्थिक प्रतिबंधों से राहत की उम्मीद कर रहा है, जिन्होंने उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है, जबकि वाशिंगटन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पाबंदी चाहता है।

ईरान ने संवर्धन पर दबाव को खारिज किया

इंडिया टुडे के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी में एक सभा को संबोधित करते हुए, अराघची ने स्पष्ट किया कि यूरेनियम संवर्धन अभी भी तेहरान के लिए एक गैर-समझौते वाला मुद्दा है। उन्होंने कहा, हम एनरिचमेंट पर इतना जोर क्यों देते हैं और युद्ध थोपे जाने पर भी इसे छोड़ने से इनकार क्यों करते हैं? क्योंकि किसी को भी हम पर हुक्म चलाने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती को अप्रभावी दबाव रणनीति बताते हुए खारिज कर दिया और पास के जलक्षेत्र में विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की उपस्थिति का हवाला दिया। अराघची ने मंच पर कहा कि क्षेत्र में उनकी सैन्य तैनाती से हमें डर नहीं लगता। उन्होंने कहा कि ईरान को वाशिंगटन पर बहुत कम भरोसा है और उसने सवाल उठाया कि क्या अमेरिकी पक्ष वास्तव में कूटनीति के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान किसी भी ऐसे समझौते पर सहमत नहीं होगा जो उसकी स्वतंत्रता या राष्ट्रीय गरिमा को कमजोर करे।

नए खतरों के बीच वार्ता फिर से शुरू

अराघची ने कहा कि ईरान प्रतिबंधों में राहत के बदले विश्वास बनाने के उपायों की एक श्रृंखला पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन चेतावनी दी कि वार्ता प्रगति आपसी सम्मान पर निर्भर है। अराघची ने कहा कि वे हमारे परमाणु बम से डरते हैं, जबकि हम ऐसा कोई बम नहीं बना रहे हैं। हमारा परमाणु बम महाशक्तियों को 'ना' कहने की शक्ति है। बता दें कि पश्चिमी सरकारें और इजराइल लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाते रहे हैं। तेहरान ने बार-बार इस दावे का खंडन करते हुए जोर दिया है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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