Lula Da Silva Wins Reelection in Brazil: ब्राजील के वामपंथी नेता और वर्तमान राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डी सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) ने राष्ट्रपति पद के दूसरे चरण के बेहद कड़े मुकाबले में सुदूर दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो (Flávio Bolsonaro) को हरा दिया है। इस जीत के साथ 80 वर्षीय लूला डी सिल्वा ने ब्राजील के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए चौथी बार देश की कमान संभाल ली है। लूला की यह ऐतिहासिक वापसी लैटिन अमेरिका में तेजी से पैर पसार रही दक्षिणपंथी लहर पर रोक लगाने के रूप में देखी जा रही है।
वोटों का आंकड़ा और परिणाम
ब्राजील की सर्वोच्च चुनावी संस्था द्वारा 97% से अधिक वोटों की गिनती पूरी होने के बाद चुनावी नतीजों की घोषणा की गई। लूला डी सिल्वा 51.74% वोट (लगभग 42 लाख वोटों से बढ़त) और फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.26% वोट मिले। यह चुनाव ब्राजील के इतिहास में सबसे अधिक ध्रुवीकृत और तनावपूर्ण चुनावों में से एक रहा। वोटिंग के दिन परिवहन बाधाओं और खराब मौसम के कारण भारी विवाद हुआ।
चुनाव के दौरान भारी विवाद रहा
लूला डी सिल्वा ने सार्वजनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन इलाकों में सार्वजनिक बसों की आवाजाही जानबूझकर धीमी कर दी जहां पहले चरण (4 अक्टूबर) में लूला को भारी समर्थन मिला था। लूला ने इसे बेहद घृणित प्रयास करार दिया। दूसरी तरफ, फ्लेवियो बोल्सोनारो ने शिकायत की कि उनके समर्थक क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण मतदान प्रभावित हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
विवाद बढ़ते देख ब्राज़ील के सुप्रीम कोर्ट के जज ने मतदान का समय 2 घंटे बढ़ाने का आदेश दिया। हालांकि, कुछ चुनावी अधिकारियों ने इसका पालन करने से इनकार कर दिया और कुछ केंद्रों पर वोटिंग पहले ही बंद हो चुकी थी, जिससे अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। फ्लेवियो बोल्सोनारो, ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) के बेटे और सीनेटर हैं। जायर बोल्सोनारो को पिछले चुनाव की हार के बाद तख्तापलट के प्रयास के आरोप में सजा सुनाई गई थी, जिसके कारण उन्हें चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। ऐसे में उनके बेटे फ्लेवियो ने चुनाव की कमान संभाली और पहले चरण में लूला को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई थी, लेकिन अंतिम मुकाबले में लूला ने बाजी मार ली।
जीत का वैश्विक असर
लूला की इस जीत का असर ब्राज़ील की न्यायपालिका पर पड़ेगा। अपने कार्यकाल के दौरान लूला ब्राजील की 11-सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट में 4 नए जजों की नियुक्ति करेंगे। लूला की जीत से अमेरिका के साथ संबंधों पर असर पड़ सकता है। जहां बोल्सोनारो अमेरिकी नीतियों के करीब थे, वहीं लूला ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना की है और चीन के साथ ब्राजील के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया है।
