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'भारत सहित इन देशों के लिए खुला है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता', ईरान के विदेश मंत्री अराघची का बड़ा बयान

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास के एक पोस्ट में कहा गया कि 'हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जो कि मित्रदेश हैं, उनके जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।' यह भारत के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज।

Photo : ANI

Strait Of Hormuz : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्री ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भारत सहित मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास के एक पोस्ट में कहा गया कि 'हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जो कि मित्रदेश हैं, उनके जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।'

X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य का लंबे समय तक बंद रहना वैश्विक बुवाई के महत्वपूर्ण मौसम में तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही को बाधित कर रहा है। पूरे क्षेत्र और उससे बाहर, नागरिक गंभीर नुकसान झेल रहे हैं और गहरी असुरक्षा में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के प्रभाव को कम करने के लिए काम कर रहा है। और इन प्रभावों को कम करने का सबसे अच्छा तरीका साफ है: तुरंत युद्ध समाप्त करें।' गुटेरेस ने अमेरिका और इजराइल से पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने की अपील की।

'अब युद्ध खत्म करने का समय आ गया है'

उन्होंने कहा, 'अमेरिका और इजराइल के लिए मेरा संदेश है कि अब युद्ध खत्म करने का समय आ गया है-क्योंकि मानव पीड़ा बढ़ रही है, नागरिक हताहत बढ़ रहे हैं और वैश्विक आर्थिक प्रभाव लगातार विनाशकारी होता जा रहा है। मेरा संदेश ईरान के लिए है कि वे अपने पड़ोसियों पर हमला करना बंद करें, जो इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं।' इससे पहले 25 मार्च को, न्यूयॉर्क में ईरान के मिशन ने कहा कि वे 'गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों' को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देंगे।

ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय पर निर्भर करेगा

मिशन ने X पर एक पोस्ट में घोषणा की, 'गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज, जिनमें अन्य देशों से जुड़े जहाज भी शामिल हैं, बशर्ते कि वे ईरान के खिलाफ किसी आक्रामक गतिविधि में शामिल न हों या उसका समर्थन न करें और घोषित सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें, सक्षम ईरानी अधिकारियों के समन्वय में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग प्राप्त कर सकते हैं।' ईरानी रक्षा परिषद ने घोषणा की है कि इस रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से 'गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों' का पारगमन अब पूरी तरह से पहले से ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय पर निर्भर करेगा।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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