दुनिया

ईरान के ड्रोन-क्रूज मिसाइल हमलों को इजराइल ने 'आयरन शील्ड' से किया नाकाम, अब जवाबी हमले की तैयारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 16, 2024, 06:48 AM IST

इजराइल से अपील की है कि वह उकसावे का जवाब न दे, क्योंकि मध्य पूर्व में इज़राइल और हमास के बीच पहले से ही संघर्ष चल रहा है। दूसरी ओर ईरान ने इजरायल की किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

Image

ईरान-इजराइल में युद्ध

Photo : PTI

Iran-Israel War: इजराइल डिफेंस फोर्स ने सोमवार को ऐलान किया कि कि ईरान द्वारा लॉन्च किए गए ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोकने को आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन "आयरन शील्ड" नाम दिया गया है। आईडीएफ ने एक्स पर पोस्ट किया, 'आयरन शील्ड' - शनिवार को ईरानी हमले को रोकने और नाकाम करने के ऑपरेशन का आधिकारिक नाम है। ईरान ने इजराइल पर अपने पहले सीधे सैन्य हमले में सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर 1 अप्रैल के हमले के जवाब में ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था।

170 ड्रोन और 150 मिसाइलों का हमला

आईडीएफ का कहना है कि ईरान द्वारा लॉन्च किए गए 170 ड्रोन और 150 मिसाइलों (30 क्रूज, 120 बैलिस्टिक) में से 99% को एयर डिफेंस और लड़ाकू जेट द्वारा और अमेरिका के नेतृत्व वाले सहयोगियों के गठबंधन के बीच समन्वय के साथ रोक दिया गया। पश्चिम ने इजराइल का समर्थन किया है और ईरान की निंदा की है। साथ ही इजराइल से अपील की है कि वह उकसावे का जवाब न दे, क्योंकि मध्य पूर्व में इज़राइल और हमास के बीच पहले से ही संघर्ष चल रहा है। दूसरी ओर ईरान ने इजरायल की किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

जवाबी कार्रवाई करेगा इजराइल

इस बीच द टाइम्स ऑफ इजराइल ने बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले युद्ध मंत्रिमंडल ने प्रतिशोध पर चर्चा पूरी कर ली है, और कहा कि ऐसी रिपोर्ट है कि जवाबी कार्रवाई सोमवार तक हो सकती है। चैनल 12 के हवाले से कहा गया है कि कैबिनेट ने ईरान को एक संदेश भेजने के लिए जोरदार जवाबी हमला करने का फैसला किया है। एक्सियोस नोट साइट ने बताया कि इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने अपने अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन को बताया कि बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल के कारण इजराइल के पास जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

इन्हें किया जाएगा टारगेट

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार जवाबी कार्रवाई के विकल्पों में साइबर हमले, ईरानी तेल बुनियादी ढांचे जैसे राज्य के स्वामित्व वाली साइटों पर हमले, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित कर्मियों और बुनियादी ढांचे पर हमले और इसके प्रॉक्सी क्षेत्र (हमास, हिजबुल्लाह, हौथिस) पर हमला शामिल है। डब्ल्यूएसजे ने कहा कि इनमें से ईरानी परमाणु स्थलों पर हमला करना असंभव होगा, खासकर क्योंकि इस तरह के ऑपरेशन के लिए अमेरिका के समर्थन और धन दोनों की आवश्यकता होगी।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article