दुनिया

इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर का ऐलान, MEA ने घोषणा का स्वागत किया

Israel Lebanon Ceasefire: विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम इस सीजफायर का स्वागत करते हैं। भारत ने हमेशा संघर्ष में कमी लाने, संयम बरतने और बातचीत एवं कूटनीति के जरिए समस्या का समाधान निकालने की बात कही है। इससे व्यापक क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता आएगी।

Image

इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर का ऐलान।

Israel Lebanon Ceasefire: इजरायल और लेबनान के बीच सीज फायर हो गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता आएगी। बातचीत और कूटनीति से समाधान संभव है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम इस सीजफायर का स्वागत करते हैं। भारत ने हमेशा संघर्ष में कमी लाने, संयम बरतने और बातचीत एवं कूटनीति के जरिए समस्या का समाधान निकालने की बात कही है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इससे व्यापक क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता आएगी।

लेबनान में जारी लड़ाई पर रोक लगेगी

बता दें कि इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच बीत 13 महीने से जंग जारी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस जंग को खत्म करने वाले सीजफायर डील की जानकारी दी। हिज्बुल्ला, ईरान समर्थित एक मिलिशिया संगठन है। अमेरिका और फ्रांस ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि 'इस समझौते से लेबनान में जारी लड़ाई पर रोक लगेगी और हिज्बुल्ला एवं अन्य आतंकवादी संगठनों के हमलों से इजरायली नागरिकों का बचाव होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से कहा कि यह समझौता स्थायी सीजफायर के लिए है।'

60 दिनों में लेबनान से सैनिक वापस बुलाएगा इजरायल

इजरायल के सुरक्षा मंत्रिमंडल द्वारा समझौते को मंजूरी देने के तुरंत बाद बाइडन ने मंगलवार को व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि संघर्ष विराम के तहत, इजरायल अगले 60 दिनों में धीरे-धीरे लेबनान से अपने सैनिकों को वापस बुला लेगा। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा मंत्रिमंडल के समक्ष एक समझौता प्रस्तुत किया था, जिसका उद्देश्य गाजा संघर्ष के बाद इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्ला के बीच महीनों से जारी लड़ाई को समाप्त करना है। इस संघर्ष में कई लोग मारे गए हैं और हजारों विस्थापित हुए हैं।

सीजफायर कराने में फ्रांस की अहम भूमिका

बाइडन ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू और लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती से बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों की सरकारों ने इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच विनाशकारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। मैं इस समझौते को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने में भागीदारी के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को धन्यवाद देना चाहता हूं।’बाइडन ने कहा, ‘मैंने अपनी टीम को इजरायल और लेबनान की सरकारों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है ताकि इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच लड़ाई को समाप्त करने के लिए संघर्ष विराम कराया जा सके।’ उन्होंने कहा, ‘स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह चार बजे से प्रभावी हुए समझौते के तहत लेबनान-इजराइली सीमा पर लड़ाई समाप्त हो जाएगी। इसे शत्रुता की स्थायी समाप्ति के तौर पर तैयार किया गया है।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article