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भारत-अमेरिका के बीच सितंबर में शुरू होगा 'युद्ध अभ्यास', उत्तराखंड की बर्फीली चोटियों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान तक दिखेगा दम

India US Yudh Abhyas 2026: भारत और अमेरिका की सेनाएं रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। सितंबर के पहले हफ्ते में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' (Yudh Abhyas) शुरू होने जा रहा है।

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भारत-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास (फाइल फोटो)

Photo : PTI

India US Yudh Abhyas 2026: भारत और अमेरिका की सेनाएं रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। सितंबर के पहले हफ्ते में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' (India US joint military exercise) शुरू होने जा रहा है। तीन हफ्तों तक चलने वाला यह युद्धाभ्यास कई मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक होने वाला है। इस सीरीज में पहली बार खतरनाक 'एएच-64 अपाचे' (AH-64 Apache) अटैक हेलीकॉप्टरों और लंबी दूरी तक सटीक मार करने वाले आधुनिक हथियारों (Long-range vectored assets) को शामिल किया जाएगा।

अपाचे हेलीकॉप्टर एक ऐसा साझा प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल भारत और अमेरिकी सेना, दोनों ही करती हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस युद्धाभ्यास से दोनों सेनाओं को मुश्किल और बदलते भौगोलिक हालातों में संयुक्त सैन्य अभियान चलाने, सटीक निशाना लगाने और हवा से नजदीकी सैन्य मदद (Simulated close-air support) पहुंचाने का बेहतरीन अनुभव मिलेगा।

दो अलग और चुनौतीपूर्ण लोकेशंस पर होगी परीक्षा

इस युद्धाभ्यास की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे भारत के दो बिल्कुल अलग और विपरीत भौगोलिक क्षेत्रों में आयोजित किया जा रहा है। इसमें दोनों देशों के लगभग 350-350 सैनिक हिस्सा लेंगे।

उत्तराखंड का औली (Auli): पहली लोकेशन उत्तराखंड के औली में स्थित बर्फीले मैदान हैं, जो लगभग 2,500 मीटर की ऊंचाई पर हैं। यह जगह चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से महज 95 किलोमीटर दूर है। यहां की पतली हवा, कम ऑक्सीजन और कड़ाके की ठंड में सैनिकों की शारीरिक क्षमता, ऊंचाई पर लॉजिस्टिक्स की सप्लाई और पैदल सेना (इंफेंट्री) के दांव-पेंचों का कड़ा इम्तिहान होगा।

राजस्थान का महाजन (Mahajan): दूसरी लोकेशन राजस्थान का तपता हुआ महाजन फील्ड फायरिंग रेंज है। यहां के खुले और रेतीले रेगिस्तान में दोनों सेनाएं लाइव-फायर ड्रिल (असली गोला-बारूद से फायरिंग), मैकेनाइज्ड सैन्य रणनीति और तोपखाने के साथ लड़ाकू विमानों के तालमेल (Artillery-aircraft coordination) का अभ्यास करेंगी।

साल 2002 से जारी है यह सफर

भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के इस सिलसिले की शुरुआत साल 2002 में हुई थी। इस साल होने वाला यह आयोजन इस सीरीज का 22वां संस्करण (22nd edition) है। इससे पिछला संस्करण सितंबर 2025 में अमेरिका के अलास्का में आयोजित किया गया था, जहां दोनों देशों के जवानों ने उप-आर्कटिक (Sub-arctic) यानी शून्य से कई डिग्री नीचे के अत्यधिक ठंडे हालातों में ट्रेनिंग की थी। अलास्का की जमा देने वाली ठंड के बाद, अब दोनों देशों की सेनाएं भारत की दुर्गम पहाड़ियों और तपते रेगिस्तान में अपनी ताकत और आपसी तालमेल को और मजबूत करेंगी।

Mayank Singh
Mayank Singhauthor

Mayank Singh is a News Editor (Defence) known for his sharp reporting on military affairs. With a strong command over defence institutions and operational issues, his work offers readers clear, credible, and well-researched insights into India’s security landscape.

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