दुनिया

IBSA ने की गाजा पर इजरायली हमले की कड़ी निंदा, कहा- युद्ध में 'भूखमरी' को बनाया हथियार

भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने गाजा पर हो रहे इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की है। IBSA ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। गाजा पर इजरायल के लगातार हमलों की IBSA की कड़ी निंदा ऐसे समय में हुई है, जब कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने गाजा पर इजरायली हमलों के बीच औपचारिक रूप से फिलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता दी थी।

Image

भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका ने की गाजा पर इजरायल के हमले की निंदा। (Photo- PTI)

Israel attacks Gaza: भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका ने गाजा पर हो रहे इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की है और फिलिस्तीनी क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर हुए IBSA (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) समूह की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।

कई देश दे चुके हैं फिलिस्तीन को मान्यता

इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा और दक्षिण अफ्रीका की मंत्री सिंडीसिवे चिकुंगा शामिल हुए।

गाजा पर इजरायल के लगातार हमलों की IBSA की कड़ी निंदा ऐसे समय में हुई है, जब कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने गाजा पर इजरायली हमलों के बीच औपचारिक रूप से फिलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता दी थी।

वहीं, त्रि-स्तरीय समूह ने युद्ध के तरीके के तौर पर 'भूखमरी के इस्तेमाल' की कड़ी निंदा की और स्थायी संघर्ष-विराम की अपनी मांग दोहराई। जहां उम्मीद है कि इससे इजरायल के हमले बंद होंगे, गाजा पट्टी से इजरायली सैनिकों की पूरी तरह वापसी होगी और हमास बाकी बंधकों को रिहा करेगा।

IBSA ने जारी किया बयान

IBSA ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और गाजा पर इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की। कहा, 'लगभग दो साल बाद भी इन हमलों से क्षेत्र की आम जनता को मौत, बर्बादी, जबरन विस्थापन और भुखमरी के कारण अभूतपूर्व पीड़ा झेलनी पड़ रही है।'

ग्रुप ने कहा, 'वे अंतर्राष्ट्रीय कानून, विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का पालन करने की भी मांग करते हैं और युद्ध के एक तरीके के रूप में 'भूखमरी के इस्तेमाल' सहित मानवीय कानून के सभी उल्लंघनों की निंदा करते हैं।' मंत्रियों ने स्थायी संघर्ष-विराम की अपनी मांग को दोहराया, जिससे इजरायल के हमले बंद हो सकें, क्षेत्र से इजरायली सैनिकों की पूरी तरह वापसी हो सके, बाकी बंधकों को रिहा किया जा सके और बिना किसी रुकावट के बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

End of Article