दुनिया

अब दक्षिणी गाजा में इजरायल ने तेज किए हमले, लाखों लोगों पर मंडरा रहा विस्थापन का खतरा

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 7, 2023, 01:02 PM IST

Hamas Israel war: बुधवार को इजरायली बलों और हमास उग्रवादियों के बीच गाजा में तीखी झड़प हुई। इजरायली हमलों के कारण फलस्तीनी लोगों के लिए शरण लेने के स्थान भी कम होते जा रहे हैं। हमलों से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने मिस्र से लगती सीमा रफाह में शरण ली है।

Image

इजरायल-हमास युद्ध।

Photo : AP

Hamas Israel war: हमास के साथ सीजफायर की अवधि समाप्त होने के बाद इजरायल की सेना अब गाजा के दक्षिणी हिस्सों को निशाना बनाकर हमले कर रही है। रिपोर्टं के मुताबिक यहां कई इलाकों में हमास के साथ भीषण लड़ाई चल रही है। इजरायल के इन हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित आम एवं विस्थापित फिलिस्तीनी नागरिक हैं। उत्तरी गाजा से विस्थापित हुए हजारों परिवारों ने दक्षिणी गाजा में शरण ली है लेकिन ताजा लड़ाई छिड़ने के बाद उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि अब वे किधर जाएं। हमलों से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने मिस्र से लगती सीमा रफाह में शरण ली है।

बुधवार को हुई तीखी झड़प

बुधवार को इजरायली बलों और हमास उग्रवादियों के बीच गाजा में तीखी झड़प हुई। इजरायली हमलों के कारण फलस्तीनी लोगों के लिए शरण लेने के स्थान भी कम होते जा रहे हैं। दक्षिण पर हमले से घिरे तटीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापित होने का खतरा है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस क्षेत्र के लगभग 18 लाख से अधिक लोग (80 प्रतिशत से अधिक आबादी) पहले ही अपने घरों को छोड़ चुके हैं।

दक्षिणी गाजा में हमास मजबूत है

गाजा शहर के बड़े हिस्से सहित उत्तर का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया है। फिलिस्तीनियों को डर है कि गाजा के बाकी हिस्सों को भी इसी तरह का नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि इजरायल हमास को खत्म करने की कोशिश कर रहा है, जिसकी इस क्षेत्र में गहरी जड़ें हैं। इजरायल कह चुका है कि सात अक्टूबर को हुए हमले के चलते युद्ध शुरू होने के बाद वह गाजा में हमास की सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता कार्यालय ने कहा कि पिछले तीन दिनों में मिस्र की दक्षिणी सीमा पर स्थित रफाह के नजदीकी क्षेत्रों में ही आटे और पेयजल की सहायता पहुंचाई जा सकी है क्योंकि इजराइली बलों ने सड़कों को बंद किया हुआ है।

बिजली के बिना वेंटिलेटर काम करना बंद कर देंगे

सहायता समूह ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने कहा कि दीर अल-बलाह में अल-अक्सा अस्पताल में ईंधन और चिकित्सा आपूर्ति ‘गंभीर रूप से न्यूनतम स्तर’पर पहुंच गई है। इसने कहा कि इस अस्पताल में रोजाना लगभग 200 घायलों को लाया जा रहा है। गाजा में समूह की आपातकालीन संयोजक मैरी ओरे पी. रेवियाल ने कहा, ‘बिजली के बिना वेंटिलेटर काम करना बंद कर देंगे, रक्तदान बंद करना होगा।’

(एजेंसी इनपुट के साथ)

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article