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इजराइल ने तोड़ी हिजबुल्लाह की कमर, बेरूत पर सबसे बड़े हमले में मार गिराया कमांडर कुबैसी

Israel Hezbollah War: बेरूत में हवाई हमला 2006 के बाद से लेबनान के खिलाफ इजरायल की सबसे व्यापक बमबारी का हिस्सा है, जो सोमवार और मंगलवार को किया गया। इसके परिणामस्वरूप देश भर में 550 से अधिक लोग मारे गए और 1,800 से अधिक घायल हुए।

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हिजबुल्लाह चीफ नरसल्लाह।

Photo : AP

Israel Hezbollah War: इजराइल ने बीते कुछ दिनों में किए गए हमलों में हिजबुल्लाह की कमर तोड़कर रख दी है। पेजर विस्फोट के बाद इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को लगातार निशाना बनाया है। इस बीच इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह को एक और बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी बेरूत में किए गए हवाई हमलों में हिजबुल्लाह का वरिष्ठ कमांडर ढेर हो गया है।

इसकी पुष्टि पहले इजरायली सेना और फिर खुद हिजबुल्लाह की ओर से की गई है। इसमें कहा गया है कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हवाई हमले में हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर इब्राहिम मुहम्मद कुबैसी की मौत हो गई है। कुबैसी मिसाइल और रॉकेट संचालन यूनिट का प्रभारी था। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार सेना ने कहा, उसके साथ हिजबुल्लाह के मिसाइल और रॉकेट समूह के अन्य प्रमुख कमांडर भी मारे गए हैं।

2006 के बाद इजराइल का सबसे घातक हमला

यह हवाई हमला 2006 के बाद से लेबनान के खिलाफ इजरायल की सबसे व्यापक बमबारी का हिस्सा है, जो सोमवार और मंगलवार को किया गया। इसके परिणामस्वरूप देश भर में 550 से अधिक लोग मारे गए और 1,800 से अधिक घायल हुए। इस महत्वपूर्ण घटना ने इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष की संभावना के बारे में चिंताएं पैदा कर दी हैं। यह भी आशंका है कि अन्य देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

इजराइली ने हमले से पहले भेजा था मैसेज

बता दें, लेबनान पर हवाई हमले से पहले इजराइल ने यहां के मोबाइल और रेडियो सिस्टम को हैक कर लिया था। लेबनानी लोगों और यहां के मंत्रियों तक को मोबाइल और रेडियो पर चेतावनी भरा मैसेज भेजा गया था। इसमें कहया गया था कि यदि आप हिज्बुल्लाह के हथियार भंडार वाले घर में हैं तो अगले आदेश तक उससे दूर चले जाएं। बाद में खुद इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी ऐसा ही एक वीडियो मैसेज दिया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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