'लोकतंत्र का पतन और आर्थिक तबाही...', शावेज ने बनाया था उत्तराधिकारी; ऐसा रहा निकोलस मादुरो का राजनीतिक सफर
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 3, 2026, 10:19 PM IST
Who is Nicolas Maduro: अमेरिका ने शुक्रवार देर रात वेनेजुएला पर भीषण हमला करने के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया और देश से बाहर ले गया। विभिन्न मोर्चों पर कई महीने के अमेरिकी दबाव के बाद ये घटनाक्रम सामने आया है तो चलिए विस्तार से समझते हैं कि मादुरो आखिर कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर अब तक कैसा रहा।
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (फाइल फोटो साभार: AP)
Who is Nicolas Maduro: निकोलस मादुरो ने बस चालक से वेनेजुएला के राष्ट्रपति बनने तक का सफर तय किया, लेकिन उन पर देश में लोकतंत्र के पतन और आर्थिक तबाही को लेकर आंखे मूंदे रहने के आरोप लगे। अमेरिका ने शुक्रवार देर रात वेनेजुएला पर भीषण हमला करने के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया और देश से बाहर ले गया। विभिन्न मोर्चों पर कई महीने के अमेरिकी दबाव के बाद ये घटनाक्रम सामने आया है।
कौन हैं निकोलस मादुरो?
मादुरो ऐसे समय में शासन कर रहे थे, जब पिछले कुछ महीने से अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला करने और उसे अपने नियंत्रण में लेने के इरादों की अटकलों को हवा दी जा रही थी। अमेरिकी हमले का उद्देश्य उस ‘‘स्वघोषित समाजवादी क्रांति को समाप्त करना था’’, जिसे उनके दिवंगत राजनीतिक गुरु और पूर्ववर्ती ह्यूगो शावेज ने 1999 में शुरू किया था।
शावेज की तरह, मादुरो ने भी अमेरिका को वेनेजुएला के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था, और लोकतांत्रिक मानदंडों को बहाल करने के किसी भी प्रयास के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी।

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो
4 दशक पहले राजनीति में की थी एंट्री
मादुरो का राजनीतिक करियर लगभग 40 साल पहले शुरू हुआ था। 1986 में, वह एक साल के वैचारिक प्रशिक्षण के लिए क्यूबा गए, जो हाई स्कूल के बाद उनकी एकमात्र औपचारिक शिक्षा थी। वापस लौटने पर, मादुरो ने काराकस में बस चालक के रूप में काम किया, जहां वह जल्दी ही एक श्रमिक संघ के नेता बन गए। 1990 के दशक में वेनेजुएला की खुफिया एजेंसियों ने उन्हें क्यूबा सरकार से घनिष्ठ संबंध रखने वाले घोर वामपंथी के रूप में चिन्हित किया।
मादुरो ने अंततः बस चालक की नौकरी छोड़ दी और उस राजनीतिक आंदोलन में शामिल हो गए जिसे शावेज ने खड़ा किया था।शावेज को वर्षों पहले एक असफल सैन्य तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए 1994 में राष्ट्रपति से क्षमादान मिला था, जिसके बाद उन्होंने राजनीतिक अभियान शुरू किया था। वर्ष 2013 में अपने निधन से पहले राष्ट्र को दिए गए अपने अंतिम संबोधन में शावेज ने मादुरो को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद से मादुरो लगातार इस पद पर बने हुए थे। इससे पहले मादुरो देश के विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति भी रहे चुके थे।