Germany Next Chancellor: जर्मनी में अब फ्रेडरिक मेर्ज के हाथों में सत्ता आने वाली है। चांसलर के चुनाव में मेर्ज की कंजरवेटिव गठबंधन को जीत मिली है। वहीं वर्तमान चांसलर ओलाफ शोल्ज ने हार मान ली है। मेर्ज की पार्टी को अभी बहुमत नहीं मिला है, लेकिन वो बहुमत के करीब है, ऐसे में उनके लिए सत्ता में आना आसान दिख रहा है।
फ्रेडरिक मेर्ज के लिए सरकार बनाना आसान नहीं
मर्ज़ ने कहा कि उन्हें ईस्टर तक एक गठबंधन सरकार बनाने की उम्मीद है। लेकिन यह चुनौतीपूर्ण होने की संभावना है। मर्ज ने कहा कि उन्हें अपने सामने आने वाली चुनौतियों का एहसास है और ‘‘यह आसान नहीं होगा।’ मर्ज ने कहा कि उनका लक्ष्य जल्द से जल्द एक प्रभावी गठबंधन बनाना है।
ओलाफ शोल्ज ने मानी हार
चुनाव संबंधी अनुमानों से पता चलता है कि ‘अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी’ (एएफडी) का समर्थन बढ़कर दोगुना हो गया है जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी घोर दक्षिणपंथी विचारधारा वाली पार्टी का सबसे मजबूत प्रदर्शन है। चांसलर ओलाफ शोल्ज ने अपनी मध्यमार्गी वामपंथी विचारधारा वाली ‘सोशल डेमोक्रेट्स’ की हार स्वीकार कर ली है। ओलाफ शोल्ज ने इसे ‘‘कड़वा चुनाव परिणाम’’ बताया। सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक ‘एआरडी’ और ‘जेडडीएफ’ के अनुमानों के अनुसार, शोल्ज की पार्टी राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में सबसे खराब परिणाम के साथ तीसरे स्थान पर रही।
कई वैश्विक मामलों पर पड़ सकता है असर
जर्मनी 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में सबसे अधिक आबादी वाला देश है और नाटो का एक प्रमुख सदस्य है। यह अमेरिका के बाद यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता रहा है। ऐसे में यहां सत्ता परिवर्तन, यूक्रेन युद्ध समेत कई वैश्विक मामलों पर असर डाल सकता है।
