दुनिया

प्लास्टिक के बैग में गैस तो आटे के लिए लूट... बदहाल पाकिस्तान की तस्वीर, इमरान बने 'विलेन'

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 9, 2023, 10:53 PM IST

Food Crisis in Pakistan: शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने यूटिलिटी स्टोर्स कॉरपोरेशन (यूएससी) के माध्यम से बिक्री के लिए गेहूं के आटे, चीनी और घी की कीमतों में 25 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि सब्सिडी वाला आटा भी मार्केट से गायब हो रखा है।

Food Crisis in Pakistan: पाकिस्तान में खाने के लिए लोग तरस रहे हैं। आटे की ऐसी किल्लत है कि लोग मारा-मारी कर रहे हैं। गैस प्लास्टिक के बैग में भरकर ले जाया जा रहा है। सिलेंडर का भाव आसमान पर पहुंच चुका है।

एक की मौत

पाकिस्तान में महंगाई के बीच सब्सिडी वाला आटा काफी अहम हो गया है। सस्ता आटा लेने के लिए सिंध प्रांत के मीरपुर खास जिले में शनिवार को भगदड़ हो गई। इस भगदड़ में छह बच्चों के पिता की मौत हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के कई इलाकों में आटा इतना महंगा हो गया कि 25 किलो आटे की बोरी 3100 रुपये में मिल रही है। यही वजह थी कि जैसे ही लोगों को खबर लगी वे सस्ता आटा लेने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। कई और इलाकों में आटा खरीदने के चक्कर में इसी तरह की भगदड़ हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

इमरान 'विलेन'

पाकिस्तान इस समय कर्ज में डूबा हुआ है। अर्थव्यवस्था की हालत इतनी खराब हो रखी है कि अब वो कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं है। उसके पास विदेश मुद्रा भंडार इतना कम हो गया है कि एक दो सप्ताह तक ही वो सामानों का आयात कर सकता है। सबसे ज्यादा कर्ज इमरान खान के कार्यकाल में लिया गया है। यही कारण है कि वर्तमान सरकार इमरान को इस संकट के लिए दोषी ठहरा रही है।

कर्मचारियों के भी पैसे नहीं

पाकिस्तानी सरकार के पास अपने कर्मचारियों को देने के लिए पैसे तक नहीं हैं। पेंशन कर्मियों को पेंशन नहीं मिली है। सरकार के पास तेल खरीदने तक के पैसे नहीं बचे हैं। हाल ये है कि तेल पर होने वाले खर्च में सरकार ने विभागों को कटौती करने का आदेश दिया है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!