ज्वालामुखी की राख के नीचे दफन जिस शहर की हम बात कर रहे हैं, उसका नाम पोम्पई था। यह प्राचीन रोम का एक शहर था, जो आज दक्षिणी इटली में मौजूद है। यह शहर ज्वालामुखी से निकली राख के नीचे पूरी तरह से दफन हो गया था।
जिस ज्वालामुखी ने पूरे के पूरे पोम्पई शहर तो राख के नीचे दफन कर दिया था, उसका नाम माउंट विसुवियस था। ज्वालामुखी विस्फोट के बाद लोगों को भागने का मौका नहीं मिला और जो जैसे था, वैसे का वैसा राख के नीचे दफन हो गया। इसकी खुदाई से रोम साम्राज्य की रोजमर्रा की जिंदगी की अनोखी झलक देखने को मिली है।
जिस माउंट विसुवियस ज्वालामुखी विस्फोट की राख में पोम्पई शहर दफन हो गया था, वह ज्वालामुखी सन् 79 में फटा था। आज पोम्पई एक बहुत बड़ी आर्कियोलॉजिकल साइट है, जहां सदियों तक राख के नीचे घर, सड़कें, पब्लिक बिल्डिंगें, आदि सुरक्षित रहे। आज इस शहर को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
माउंट विसुवियस में हुए उस भयावह ज्वालामुखी विस्फोट ने पूरे पोम्पई शहर को कई मीटर ज्वालामुखी राख के नीचे दबा दिया। इस घटना में तत्कालीन रोम राज्य के शहर में लगभग 2000 लोग मारे गए, लेकिन इसी राख ने शहर को समय की मार से प्रिजर्व करके रखा।
पोम्पई शहर सदियों तक कई मीटर ज्वालामुखी राख के नीचे दबा रहा। इस तरह इस पर सदियों के मौसम का प्रभाव नहीं पड़ा और यह सुरक्षित रहा। आज यह प्राचीन रोमन साम्राज्य में झांकने के लिए एक खिड़की की तरह है। यहां पर उस युग की तमाम चीजें जस की तस सुरक्षित हैं।
प्राचीन पोम्पई शहर दक्षिणी इटली में आज के नेपल्स शहर के पास है। यहां पर खुदाई में मिली सड़कें, घर, सार्वजनिक स्नानागाार कके साथ ही एक एम्फीथिएटर भी मौजूद हैं। आज यहां पर लगभग 23000 लोग रहते हैं।
19वीं सदी में आर्कियोलॉजिस्ट ने पोम्पई में राख के नीचे दबे लोगों को समझने के लिए राख में उनके गल चुके शरीर से बनी खाली जगह में प्लास्टर डालकर उनकी संरचना को वापस बनाया।
आज पोम्पई UNESCO विश्व धरोहर स्थल है। अगर आप पोम्पई जाकर रोमन इतिहास को करीब से जानना चाहते हैं तो आपको यहां के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर काफी देर तक चलने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर यहां जाएं तो अपने साथ खूब सारा पानी लेकर चलें, क्योंकि प्यास बहुत लगेगी।