Emergency in Khyber Pakhtunkhwa: पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार को बर्खास्त कर दिया और वहां इमरजेंसी लागू की।
प्रांतीय सरकार बर्खास्त
रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार को बर्खास्त कर दिया गया है। सरकार ने बिगड़ती कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ रही आतंकी घटनाओं का हवाला देते हुए इमरजेंसी लागू की। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) के तहत इमरजेंसी की घोषणा जारी की।
राष्ट्रपति की घोषणा में प्रांत में बढ़ते आतंकवादी हमलों और संवैधानिक व्यवस्था के ठप होने का हवाला दिया गया है। इसके तहत मुख्यमंत्री, प्रांतीय मंत्रियों, सलाहकारों, विशेष सहायकों और महाधिवक्ता को तत्काल अपने पद छोड़ने होंगे।
इमरान की रिहाई के लिए विरोध मार्च के बीच फैसला
खैबर-पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लगाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला जा रहा है। इस मार्च का मकसद इमरान खान की रिहाई और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करना है। यह मार्च 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुआ था और प्रांत के कई जिलों से गुजर चुका है। शनिवार, 10 अक्टूबर को अफरीदी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया था।
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सनद रहे कि 73 वर्षीय इमरान खान पूर्व क्रिकेटर हैं और 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने से जुड़े आरोपों समेत 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।
ECP के अधिकारी को मारी गोली
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बीते दिनों अज्ञात बंदूकधारियों ने पाकिस्तान चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, अज्ञात बंदूकधारियों ने टैंक जिले में गिरह बलूच के पास हमला किया, जो साउथ वजीरिस्तान की सीमा से लगा हुआ है।
