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निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों के 400 गज के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर लगाया प्रतिबंध

बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होंगे। ये अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद पहले चुनाव होंगे।

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बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होंगे

बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने एक निर्देश जारी कर चुनाव के दिन मतदान केंद्रों के 400 गज के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। दक्षिणपंथी राजनीतिक दलों ने इस फैसले का विरोध करते हुए धमकी दी है कि अगर यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो वे आयोग के कार्यालय का घेराव करेंगे।

बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होंगे। ये अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद पहले चुनाव होंगे। न कर्मियों और चुनाव ड्यूटी पर मौजूद सभी लोगों पर लागू होगा। इसमें कुछ सीमित अपवाद भी हैं।"

इसमें कहा गया है कि केवल पीठासीन अधिकारी, केंद्रों पर तैनात पुलिस के प्रभारी अधिकारी और चुनाव ड्यूटी पर तैनात दो अधिकृत अर्ध-पुलिस अंसार सदस्य ही इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे।जमात-ए-इस्लामी और उसके दक्षिणपंथी सहयोगी ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया और आदेश वापस न लिए जाने पर आयोग के कार्यालय का घेराव करने की धमकी दी।

जमात के सहायक महासचिव अहसान-उल-महबूब जुबैर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह घोषणा की।जमात के नेतृत्व वाले 11-दलीय दक्षिणपंथी चुनावी गठबंधन में शामिल छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी ने भी आयोग के फैसले की आलोचना की। एनसीपी का गठन पिछले साल अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के समर्थन से हुआ था।एनसीपी संयोजक नाहिद इस्लाम ने कहा, 'अगर आज शाम तक यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो कल (मंगलवार) निर्वाचन आयोग को घेर लिया जाएगा।'

इसी के कारण हसीना की अवामी लीग सरकार गिर गई थी

एनसीपी नेताओं ने 2024 के उन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया जिन्हें जुलाई विद्रोह कहा जाता है। इसी के कारण हसीना की अवामी लीग सरकार गिर गई थी।हालांकि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने आयोग के फैसले पर अबतक कोई टिप्पणी नहीं की है।इसी बीच, चुनाव प्रचार अपने अंतिम दिन में प्रवेश कर गया, और राष्ट्रीय राजधानी में प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं की रैलियां देखने को मिलीं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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