पश्चिम एशिया में जारी टकराव और तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरिबियाई देश क्यूबा को मजाक-मजाक में ही सही लेकिन बड़ी धमकी दी है। गैर-लाभकारी संगठन ’फोरम क्लब ऑफ पाम बीचेज’ के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ईरान से लौटते समय क्यूबा को तुरंत अपने कब्जे में ले लेगी।
पाम बीचेस के फोरम क्लब में आयोजित रात्रिभोज में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि क्यूबा में समस्याएं हैं। हम पहले एक समस्या का समाधान करेंगे। मुझे काम पूरा करना पसंद है।
मजाक-मजाक में धमकी दे गए ट्रंप?
आगे उन्होंने कहा क्यूबा में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती का भी इशारा किया। ट्रंप ने कहा कि ईरान से लौटते समय हमारे पास हमारा एक बड़ा विमानवाहक पोत होगा,शायद यूएसएस अब्राहम लिंकन, जो दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है, वह आएगा और तट से लगभग 100 गज की दूरी पर रुकेगा। फिर वे कहेंगे बहुत-बहुत धन्यवाद। हम आत्मसमर्पण करते हैं।'
ट्रंप के यह बयान अमेरिकी नीति को लेकर वाशिंगटन में चल रही व्यापक बहस के बीच आई हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी तनाव बढ़ा सकती है,जबकि ट्रंप के समर्थकों का मानना है कि यह एक सख्त रुख का संकेत है। वहीं, क्यूबा के अधिकारियों ने हाल ही में अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों को दबावपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने दोहराया है कि वे बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका दशकों से क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन के दौरान और कड़ा किया गया था। हाल के दिनों में ट्रंप ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर गहराता दिख रहा है।
क्यूबा से विवाद पुराना
क्यूबा और अमेरिका के रिश्ते 1959 की क्यूबाई क्रांति के बाद से तनावपूर्ण रहे हैं। अमेरिका ने क्यूबा पर लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिनका उद्देश्य वहां की कम्युनिस्ट सरकार पर दबाव बनाना रहा है। हालिया घटनाक्रम में वेनेजुएला संकट के बाद अमेरिका ने क्यूबा पर नए सिरे से आरोप लगाए। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया था कि क्यूबा,वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था में शामिल था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्यूबा की अर्थव्यवस्था के और कमजोर होने की चेतावनी दी है।
