दुनिया

'आखिर राष्ट्रपति कैसे बन गया वो आदमी?' डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर बाइडेन को कोसा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन में रैली के साथ अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने का जश्न मनाया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। ट्रंप ने बाइडेन पर तीखा तंज कसते हुए पूछा कि वह आदमी आखिर राष्ट्रपति कैसे बन गया? रिपोर्ट में पढ़िए, उन्होंने क्या कुछ कहा।

Image

डोनाल्ड ट्रंप ने इशारों-इशारों में जो बाइडेन पर किया तीखा प्रहार।

Donald Trump Slams Joe Biden: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन के मैकॉम्ब काउंटी में अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर एक रैली को संबोधित किया। ट्रंप ने अपने प्रशासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'हम अमेरिका को फिर से महान बना रहे हैं और यह तेजी से हो रहा है।' रैली में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन ने कर, शुल्क और रोजगार सृजन पर नीतियों का हवाला देते हुए इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति पद की सबसे सफल शुरुआत की है।

आ रही हैं बहुत सारी नौकरियां; ट्रंप ने किया बड़ा दावा

ट्रंप ने रोजगार सृजन के बारे में शेखी बघारते हुए कहा, 'बहुत सारी ऑटो नौकरियां आ रही हैं। कंपनियां आ रही हैं...वे सभी मिशिगन वापस आना चाहती हैं और फिर से कारें बनाना चाहती हैं। आप जानते हैं क्यों? हमारी कर और शुल्क नीति के कारण, वे दुनिया भर से आ रहे हैं। ट्रंप ने अपने समर्थकों, खासकर ऑटो कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैं ऑटो कर्मचारियों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। यह बहुत बढ़िया था।'

अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर क्या बोले ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि 'मैं हजारों गर्वित, मेहनती अमेरिकी देशभक्तों के साथ इस खूबसूरत राज्य में वापस आकर रोमांचित हूं, और हम आज रात अपने देश के इतिहास में किसी भी प्रशासन के सबसे सफल पहले 100 दिनों का जश्न मनाने के लिए अपने देश के हृदय स्थल में हैं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कंपनियां अभूतपूर्व स्तर पर संयंत्र खोल रही हैं और अमेरिका में निवेश कर रही हैं।

उन्होंने कहा, 'हमने अभी शुरुआत की है। आपने अभी तक कुछ भी नहीं देखा है। यह सब बस चल रहा है। और सप्ताह दर सप्ताह, हम अवैध आव्रजन को समाप्त कर रहे हैं...अपनी नौकरियां वापस ले रहे हैं और अपने महान अमेरिकी ऑटो श्रमिकों और हमारे सभी श्रमिकों की रक्षा कर रहे हैं। सच कहूं तो, हम अपने सभी श्रमिकों की रक्षा कर रहे हैं।'

जो बाइडेन की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने कही ये बात

ट्रंप ने पिछले प्रशासनों की आलोचना करते हुए कहा, 'हम कानून के शासन को बहाल कर रहे हैं, जो इस पागल आदमी (बाइडेन) के साथ खिड़की से बाहर हो गया था।' ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की ओर इशारा करते हुए भीड़ से पूछा कि 'वह आदमी आखिर राष्ट्रपति कैसे बन गया? क्या कोई बता सकता है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ?' उन्होंने आगे कहा कि हम मुद्रास्फीति को समाप्त कर रहे हैं।

ट्रंप ने कहा, 'यह हमारे देश के इतिहास में शायद सबसे बुरा सपना है, हमारी सरकार से जागरूकता, पागलपन और ट्रांसजेंडर पागलपन को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।' 'हम अपने बच्चों को शिक्षा देने से रोक रहे हैं, अरबों-खरबों डॉलर की बर्बादी, धोखाधड़ी और दुरुपयोग को कम कर रहे हैं, और सबसे बढ़कर, हम अमेरिकी सपने को बचा रहे हैं। हम अमेरिका को फिर से महान बना रहे हैं, और यह तेजी से हो रहा है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article