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पीओके में बिगड़े हालात पर ब्रिटेन के सांसदों ने जताई चिंता; ब्रिटिश सरकार से की हस्तक्षेप की मांग

पीओके में विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें भंग करने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब आजादी की मांग तक पहुंच गया है। जिसके बाद पीओके के वर्तमान हालातों को लेकर ब्रिटेन के सांसदों ने चिंता जताई है।

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पीओजेक में बिगड़े हालात पर ब्रिटेन के सांसदों ने जताई चिंता। (फोटो - ANI/वीडियो ग्रैब)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में हालात बिगड़ चुके हैं। सड़कों एवं चौराहों पर प्रदर्शन बेहद उग्र हो गया है। यहां लोग पाकिस्तान के जुल्म एवं अत्याचार से आजादी की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों की गूंज दुनिया भर में सुनाई दे रही है। इस बीच, ब्रिटेन के 50 सांसदों और लॉर्ड्स ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हालातों पर ब्रिटिश सरकार से हस्तक्षेप और स्थिति पर स्पष्टीकरण की मांग की है।

ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) ऑन कश्मीर के अध्यक्ष एवं सांसद इमरान हुसैन ने ब्रिटेन की विदेश मंत्री को इस बाबत पत्र लिखा है। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में संचार सेवाओं के बाधित होने, राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई है।

6 जून 2026 को भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र में संचार व्यवस्था प्रभावित होने से ब्रिटेन में रह रहे कश्मीरी मूल के लोगों की अपने परिजनों से संपर्क करने की क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे उनके बीच चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

पत्र में कहा गया है कि वहां कथित गिरफ्तारियों, आवाजाही पर प्रतिबंध जैसी घटनाएं सामने आई हैं। सांसदों ने कहा कि ज्यादा दिनों तक वहां संचार सेवाओं पर रोक संवेदनशील और अस्थिर माहौल को और गंभीर बना सकती है तथा नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

ब्रिटिश सांसदों ने विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र

ब्रिटिश सांसदों ने विदेश मंत्रालय (FCDO) से पांच प्रमुख सवालों पर जवाब मांगा है। इनमें पीओजेके में संचार व्यवधानों का आकलन, क्षेत्र में मौजूद ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा, पाकिस्तान और पीओजेके प्रशासन के साथ ब्रिटेन की कूटनीतिक बातचीत, वार्ता बहाली के प्रयास तथा तनाव कम करने के लिए उठाए जा रहे कदम शामिल हैं।

पत्र में ब्रिटिश सरकार से सभी पक्षों के बीच संवाद, शांति और तनाव कम करने की दिशा में सक्रिय कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया गया है। सांसदों ने कहा कि क्षेत्र के लोगों और ब्रिटेन में बसे कश्मीरी समुदाय को स्थिरता, शांति और संवाद के माध्यम से अपनी चिंताओं के समाधान का अवसर मिलना चाहिए।

इस पत्र पर इमरान हुसैन के अलावा कई सांसदों और लॉर्ड्स के हस्ताक्षर हैं, जिनमें जेरेमी कॉर्बिन , जॉन मैक्डॉनेल, रोसेना एलिन खान सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

पीओके में लग रहे 'पाक आर्मी गो बैक' के नारे

पीओके में इस समय 'पाक आर्मी गो बैक' के नारे लग रहे हैं। कई जगहों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के साथ प्रदर्शनकारियों की भिड़ंत हुई है। 'आजादी' की मांग कर रहे निहत्थे एवं निर्दोष लोगों की आवाज दबाने के लिए पाकिस्तानी फौज उन पर गोलियों की बौछार कर रही है।

अब तक 30 की मौत

अलग-अलग सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मौत का यह आंकड़ा सैकड़ों के पार जा चुका है। पीओके में विद्रोह की आग से रावलपिंड़ी से लेकर इस्लामाबाद तक हुक्मरान डर-सहम गए हैं। लोगों के प्रदर्शन को कुचलने के लिए पाकिस्तानी के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सेना को खुली छूट दे दी है। पाकिस्तानी सुरक्षाबल की सख्ती और दमनपूर्ण कार्रवाइयों के आगे लोग झुक नहीं रहे हैं।

आर-पार की लड़ाई के मूड में लोग

विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें भंग करने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब आजादी की मांग तक पहुंच गया है। पीओके की सड़कों पर बस एक ही आवाज गूंज रही है वह है पाकिस्तान से आजादी। लोग अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। POJK के नेता आदिल रजा ने कहा है कि अब लोग पाकिस्तान से अपनी आजादी लेकर रहेंगे।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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