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मिलेनियल रैपर चलाएगा GEN Z वाला देश? 4 बार के PM ओली पर बालेन की 'शाही' जीत

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) सीपीएन-यूएमएल ने ओली को पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। नेपाल में गुरुवार को पिछले साल हुए हिंसक जनरेशन जेड विरोध प्रदर्शनों के बाद पहला आम चुनाव हुआ, जिसमें हिमालयी देश में राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग की गई थी।

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बालेन शाह (फोटो- Facebook/Balen Shah)

Nepal Election Result: रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) शुक्रवार को नेपाल में सितंबर में हुए हिंसक 'जनरेशन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर हैं। इस बीच,नेपाल के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) के नेता और रैपर से राजनेता बने बलेंद्र शाह 'बालेन'ने चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोटों के भारी अंतर से हराया। चुनाव आयोग ने यहां यह जानकारी दी।

बता दें कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) सीपीएन-यूएमएल ने ओली को पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। नेपाल में गुरुवार को पिछले साल हुए हिंसक जनरेशन जेड विरोध प्रदर्शनों के बाद पहला आम चुनाव हुआ, जिसमें हिमालयी देश में राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग की गई थी।

काठमांडू के महापौर रहे हैं बालेंद्र शाह

'बालेन’ के नाम से जाने जाने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, जो स्थापित दलों के प्रति जनता की अस्वीकृति के भाव को दर्शाता है। नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बन चुकी हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) के नेता और काठमांडू के पूर्व महापौर अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। शाम छह बजे तक के आए परिणमों के मुताबिक, आरएसपी ने घोषित 78 सीटों में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी और 60 सीटों पर आगे चल रही थी। चुनाव आयोग (ईसी) के अनुसार,35 वर्षीय बालेन को 68348 वोट मिले,जबकि 74 वर्षीय ओली को 18,734 वोट ही मिले।

चुनाव नतीजे पर है भारत की करीबी नजर

भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में कहा, "हम पारस्परिक लाभ के लिए अपने दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।" उन्होंने कहा कि भारत ने "नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन किया है और अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, इन चुनावों के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध के अनुसार साजोसामान संबंधी आपूर्ति प्रदान की है"।

आनुपातिक मतदान से चुने जाएगे 110 सदस्य

इस आम चुनाव में संसद के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे। चुनाव में 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिए चुना जाना है। 'बालेन’ को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना गया। यह स्थिति तब बनी जब जनरेशन-जेड (जेन जेड) के युवाओं ने पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दो दिनों तक चले देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद ओली-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को सत्ता से हटा दिया।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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