Ankita Bhandari Murder Case: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिजनों को अपना समर्थन दिया। जिसके बाद इंडिया गेट पर कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा लग गया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के एक मैसेज के बाद नेता अंकिता भंडारी के परिजनों के साथ इंडिया गेट पर डटे हुए हैं।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित तौर पर जुड़े एक 'वीआईपी' की राजनीतिक नियुक्ति के विरोध में पीड़िता के माता-पिता धरने पर बैठे हैं। अंकिता के पिता ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा कि मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी होने तक उन्हें राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
वेणुगोपाल के एक मैसेज पर जुटे नेता
अंकिता भंडारी के परिजन बुधवार को इंडिया गेट पर धरना पर बैठे, लेकिन जैसे ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा उनसे मिलने पहुंचे तो वहां पर भीड़ एकत्रित हो गई। इसी बीच, केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस सांसदों को इंडिया गेट पहुंचने का मैसेज भेजा। इधर, राहुल गांधी अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलकर अपने आवास लौट गए। उधर, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत सहित अन्य नेताओं ने मोर्चा संभाला।
'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः'
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम संस्कृत का एक सूत्र वाक्य सुना करते थे- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। भाजपा, जिस उत्तराखंड को देवभूमि कहती है, वहां पर एक बिटियां के साथ राक्षसी कृत्य हुआ। अपनी इज्जत बचाने की कोशिश में उसे अपनी जान गंवानी पड़ी और इसके बाद सबूत मिटा दिए गए।''
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को परिवार आरोपी मानता है, उन लोगों को जांच पूरी होने से पहले पुरस्कृत करके महामहिम बनाया जा रहा है। इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है? क्या सरकार की आंखों का पानी मर गया है? उन्होंने आगे कहा, ''मैं इस देश की संसद में बैठता हूं, लेकिन आज यहां बैठकर मेरा दिल भारी है। मेरा मानना है कि सरकार को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए इस देश का हर नागरिक उठ खड़ा होगा।''
'आरोपियों को बचा रही भाजपा'
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भाजपा पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''हमारी पार्टी पिछले चार वर्षों से उत्तराखंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है। अंकिता और उनके परिवार को न्याय मिलना चाहिए। भाजपा आरोपियों को बचा रही है। इस मामले में शामिल व्यक्ति को भाजपा पूरी तरह संरक्षण दे रही है।''
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता की भावनाएं इस परिवार के साथ हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की है। पूरी कांग्रेस पार्टी और 'इंडिया' गठबंधन उनके साथ खड़ा है। हम इस परिवार के साथ हैं। हमारी मांग स्पष्ट है कि राज्यपाल की नियुक्ति रद्द की जाए। राष्ट्रपति को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए नियुक्ति वापस लेनी चाहिए।
'पापियों को क्यों मिलता है संरक्षण'
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ''अंकिता को पिछले चार सालों से न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ी जा रही है, लेकिन न्याय दिलाने के बजाय, जिस व्यक्ति पर सवाल उठ रहे हैं, उसे संरक्षण दिया जा रहा है। उसे राज्यपाल नियुक्त कर पुरस्कृत किया गया है। आखिर ऐसा क्यों होता है?''
उन्होंने कहा कि चाहे हाथरस, चाहे उन्नाव, चाहे अंकिता हो... हर बार संरक्षण पापियों को क्यों मिलता है? बेटियों को बचाव क्यों नहीं होता है? हम सभी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए बैठे हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने यहां आकर मुलाकात की और बातचीत की। हम अंकिता को न्याय दिलाने के लिए यहां मौजूद हैं। इस संघर्ष में अंकिता के परिवार को न्याय जरूर मिलेगा। हम सभी इस उद्देश्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
'मांगों पर ध्यान दें सरकार'
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, ''देश में जो कुछ हो रहा है, उसमें न्याय मिलना चाहिए। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके माता-पिता इतनी दूर से यहां इंडिया गेट के सामने आकर बैठे हैं। सरकार को अब अपनी आंखें खोलनी चाहिए और उनकी मांग पर ध्यान देना चाहिए।''
