Suella Braverman: मां तमिल हिंदू, खुद बौद्धधर्म की उपासक...ब्रिटेन के गृह मंत्री की कुर्सी पर फिर से एक भारतवंशी का कब्जा, जानिए कौन है सुएला ब्रेवरमैन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 7, 2022, 07:09 PM IST

Suella Braverman: भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की हैं। सुएला ब्रेवरमैन ने 2018 में रायल ब्रेवरमैन से शादी की थी।

Suella Braverman: मां तमिल हिंदू, खुद बौद्धधर्म की उपासक...ब्रिटेन के गृह मंत्री की कुर्सी पर फिर से एक भारतवंशी का कब्जा, जानिए कौन है सुएला ब्रेवरमैन
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Suella Braverman: पीएम पद की दौड़ में भले ही एक भारतवंशी- ऋषि सुनक पिछड़ गए हों लेकिन ब्रिटेन के गृहमंत्री की कुर्सी एक भारतवंशी के पास ही रही है। पहले ये कुर्सी प्रीति पटेल के पास थी और अब सुएला ब्रेवरमैन को ये जिम्मेदारी मिली है। सुएला ब्रेवरमैन खुद भी पीएम पद की दौड़ में उतरी थीं, लेकिन जैसे ही शुरूआती लड़ाई में हारीं, लिज ट्रस को समर्थन देकर सत्ता में अपनी दावेदारी सुनिश्चित कर ली थीं। शुरूआत से ही लिज ट्रस इस लड़ाई में सुनक से आगे चल रही थीं। शायद यही कारण रहा कि भविष्य को देखते हुए सुएला ब्रेवरमैन ने सुनक को छोड़ लिज को सपोर्ट कर दिया था।

कौन है सुएला ब्रेवरमैन

सुएला ब्रेवरमैन के माता और पिता दोनों भारत से ही थे। मां तमिल हिंदू परिवार से थीं, जो मॉरीशस से ब्रिटेन आई थीं। सुएला ब्रेवरमैन के पिता गोवा से संबंध रखते थे और केन्या से आकर ब्रिटेन में बसे थे। ​सुएला ब्रेवरमैन का जन्म 3 अप्रैल 1980 को हुआ था और उनका नाम सू-एलेन कैसियाना फर्नांडीस रखा गया था। सुएला ब्रेवरमैन की पढ़ाई-लिखाई ब्रिटेन में हुई है। उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और 2018 में रायल ब्रेवरमैन से शादी की थीं। 

मां भी थी राजनीति में

सुएला ब्रेवरमैन की मां भी राजनीति में काफी रुचि रखती थीं। कई बार चुनाव भी लड़ी थीं। उनकी मां पेशे से नर्स थीं। सुएला ने 2005 में पहली बार चुनावी मैदान में उतरी थीं। वो लेसेस्टर ईस्ट से चुनाव लड़ी, जहां वो दूसरे नंबर पर रही थीं। पहली बार 2015 में कंजरवेटिव पार्टी से सांसद चुनी गईं और तब से वो लगातार सांसद हैं।

बौद्ध धर्म में विश्वास

सुएला ब्रेवरमैन, बौद्ध धर्म में विश्वास करतीं हैं और बौद्ध की उपासक रही हैं। ब्रेवरमैन एक बौद्ध हैं जो नियमित रूप से लंदन स्थित बौद्ध केंद्र में जाती हैं। उन्होंने भगवान बुद्ध के कथनों के ग्रंथ "धम्मपद" पर संसद में पद की शपथ ली थी।

जॉनसन सरकार में भी था महत्वपूर्ण पद

लिज ट्रस की सरकार से पहले जॉनसन की सरकार थी और इस सरकार में सुएला ब्रेवरमैन के पास अटॉर्नी जनरल के पद पर थीं। ब्रेवरमैन, ब्रिग्जिट का घोर सपोर्टर रहीं हैं। वो कंजरवेटिव्स के ब्रेक्सिट समर्थक विंग की एक प्रमुख सदस्य रही हैं। 

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