पाकिस्तान में एक साथ 30 रुपये लीटर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, तो इमरान को याद आया भारत और की जमकर तारीफ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 27, 2022, 07:57 AM IST

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल और केरोसीन के दामों में एकसाथ 30 रुपये लीटर की वृद्धि की गई है। अब यहां पेट्रोल 179.85 रुपये प्रति लीटर, डीजल 174.15 रुपये प्रति लीटर और केरोसिन 155.95 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।

पाकिस्तान में एक साथ 30 रुपये लीटर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, तो इमरान को याद आया भारत और की जमकर तारीफ

इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 30 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद पड़ोसी मुल्क में पेट्रोल 179.85 रुपये प्रति लीटर, डीजल 174.15 रुपये प्रति लीटर और केरोसिन 155.95 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर पूर्व पीएम इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार पर निशाना साधते हुए भारत की तारीफ की है।

सरकार पर बरसे इमरान

सरकार की आलोचना करते हुए, इमरान ने कहा 'इस असंवेदनशील सरकार ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी द्वारा रूस के साथ 30 प्रतिशत सस्ते तेल के लिए किए गए सौदे को आगे नहीं बढ़ाया है।' उन्होंने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिका के रणनीतिक सहयोगी रूस से सस्ता तेल खरीदकर ईंधन की कीमतों में 25 पीकेआर प्रति लीटर की कमी करने में कामयाब रहे हैं।

भारत की तारीफ

इमरान खान ने एक ट्वीट में कहा, 'देश पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20% बढोतरी। 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ देश ने विदेशी आकाओं की आयातित सरकार की कीमत चुकाना शुरू कर दिया है - हमारे इतिहास में एकसथ की गई सबसे ज्यादा मूल्य वृद्धि। अक्षम और असंवेदनशील सरकार ने रूस के साथ 30% सस्ते तेल के हमारे सौदे को आगे नहीं बढ़ाया। इसके विपरीत, भारत, अमेरिका का रणनीतिक सहयोगी, रूस से सस्ता तेल खरीदकर ईंधन की कीमतों में पीकेआर 25 प्रति लीटर की कमी करने में कामयाब रहा है।'

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद हम अभी भी डीजल पर 56 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठा रहे हैं। इसके अलावा, इस्माइल ने कहा कि अगर कदम नहीं उठाए गए तो पाकिस्तान 'गलत दिशा' में जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए यह फैसला कठिन था।

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