Pakistan: अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटने वाले पहले PM बने इमरान खान, अभी तक कोई प्रधानमंत्री पूरा नहीं कर सका कार्यकाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 10, 2022, 07:37 AM IST

Imran Khan: पाकिस्तान नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वो देश के इतिहास में ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए, जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाया गया है।

Pakistan: अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटने वाले पहले PM बने इमरान खान, अभी तक कोई प्रधानमंत्री पूरा नहीं कर सका कार्यकाल

इमरान खान नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव हारने वाले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव को रोकने के कई प्रयासों के बावजूद शनिवार आधी रात को मतदान हुआ जिसमें 342 सदस्यीय सदन में 174 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य (PTI) अनुपस्थित रहे। गौर करने वाली बात है कि अभी तक किसी भी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान में पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है।

पीटीआई के सांसद फैसल जावेद ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही इमरान खान ने प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास छोड़ दिया। फैसल ने ट्वीट किया कि अभी-अभी प्रधानमंत्री इमरान खान प्रधानमंत्री आवास से विदा हुए। वह शालीनता से विदा हुए और झुके नहीं। 

इमरान खान ने नेशनल असेंबली को भंग करने के विवादित फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने को लेकर शुक्रवार को निराशा व्यक्त की थी और कहा था कि वह देश में किसी भी आयातित सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे। नेशनल असेंबली का वर्तमान कार्यकाल अगस्त, 2023 में समाप्त होना था।

पाकिस्तान में शनिवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ महत्वपूर्ण अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए संसद का अहम सत्र अलग-अलग वजहों से स्थगित किया गया। बाद में देर रात तक नेशनल असेंबली के अध्यक्ष असद कैसर और उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की घोषणा के बाद कैसर ने पीएमएल-एन के अयाज सादिक को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने को कहा, जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया।

विपक्षी दलों ने आठ मार्च को इमरान खान सरकार के खिलाफ अविस्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद खान ने इसके पीछे विदेशी साजिश होने का आरोप लगाते हुए अमेरिका पर निशाना साधा था। हालांकि, अमेरिका ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था।

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