कोरोना से ब्राजील में हो रही 'हर मिनट मौत', राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने दी WHO से बाहर निकलने की धमकी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 8, 2020, 07:41 AM IST

Brazil: अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपना नाता तोड़ लिया है। अब इस ओर एक और देश निकल चुका है। ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने भी WHO से बाहर निकलने की धमकी दी है।

कोरोना से ब्राजील में हो रही 'हर मिनट मौत', राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने दी WHO से बाहर निकलने की धमकी

नई दिल्ली: अमेरिका के बाद अब ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने अपने देश को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से बाहर निकालने की धमकी दी है। दरअसल, डब्ल्यूएचओ ने नए कोरोनो वायरस के प्रसार को धीमा करने से पहले लॉकडाउन हठाने के जोखिमों को लेकर सरकारों को चेतावनी दी है। बोलसोनारो ने पत्रकारों से कहा, 'मैं आपको बता रहा हूं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ को छोड़ दिया और अब हम भी इसका अध्ययन कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि या तो WHO बिना वैचारिक पूर्वाग्रह के काम करे या हम भी इसे छोड़ देते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने कहा कि वॉशिंगटन डब्ल्यूएचओ के साथ अपने रिश्ते को समाप्त कर देगा। उन्होंने इस संगठन पर चीन का कठपुतली बनने का आरोप लगाया। कोरोना वायरस के समय ट्रंप डब्ल्यूएचओ पर काफी हमलावर रहे हैं।

अमेरिका के बाद सबसे प्रभावित देश

डब्ल्यूएचओ छोड़ने की बोलसोनारो की धमकी उस समय आई है जब ब्राजील में कोरोनो वायरस से मरने वालों की संख्या 35,000 से ऊपर हो गई थी, जो अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया में तीसरे नंबर पर है। यहां कोरोना के मामले 6 लाख से ज्यादा हो गए हैं। ब्राजील अमेरिका के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। लैटिन अमेरिकी देशों में ब्राजील कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित है। 

बोलसोनारो ने महामारी को कहा था- सामान्य फ्लू 

बोलसोनारो जल्द से जल्द लॉकडाउन हटाने के पक्ष में हैं। उन पर इस महामारी को बहुत देर से गंभीरता से लेने के आरोप लगते रहे हैं। ब्राजील के एक अखबार ने संपादकीय में छापा है कि हर मिनट ब्राजील के एक नागरिक की जान लेने वाली महामारी को बोलसोनारो ने एक सामान्य फ्लू बताया था। उन्होंने कहा था कि इसके लिए लॉकडाउन की को जरूरत नहीं है। जब आप इसे पढ़ रहे थे, तब एक और ब्राजील के नागरिक की कोरोना वायरस से मृत्यु हो गई। बोलसोनारो कोरोना महामारी के कारण लोगों के घर में रहने जैसे उपायों के घोर आलोचक रहे हैं। उनका तर्क है कि बीमारी से ज्यादा नुकसानदेह आर्थिक तबाही हो सकती है।

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