इस्लामाबाद: पाकिस्तान में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मियां जोरों पर हैं और प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। हालांकि इमरान खान ने साफ किया है कि वह किसी भी कीमत पर इस्तीफा नहीं देंगे। सत्तारूढ़ गठबंधन के कम से कम तीन सहयोगियों ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उनकी सरकार के खिलाफ मतदान करने का संकेत दिया है, जो इस महीने के अंत में संसद में चर्चा के लिए आएगा। इस बीच विपक्षी दल पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावट भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने इमरान खान पर जोरदार हमला बोला है।
इमरान को बताया चूहा
बिलावल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए इमरान खान को बुजदिल बताया और कहा, 'बुजदिल है इमरान खान, जो मुकाबले से भाग रहा है। हमें चूहे कहने वाले, चूहे भागते नहीं है मुकाबले से। इमरान आप चूहा नहीं हो आप भगोड़े हो। अपने आप को खान कहता है इमरान, आप बताओ कि ये कहां का खान है? ये तो खान तो इज्जत वाले होते हैं, खान तो गैरत वाले होते हैं, खान तो बहादुर होते हैं, ये कहां का खान है, ये बनिगाला का खान हो सकता है, ये फनीगाला का खान हो सकता है। गैरत है तो मुकाबला करो, इमरान मुकाबला करो, बुझदिल गाली देता है, बुझदिल भागता है, मर्द है तो मुकाबला करो।'
बिलावल भुट्टो के इस बयान पर इमरान खान की पूर्व पत्नी और पत्रकार रेहम खान ने ट्वीट करते हुए कहा, 'बिलावल भुट्टो परिभाषित कर रहे हैं कि "खान" होने का क्या अर्थ है !!! इससे अधिक सहमत नहीं हो सका !!! शानदार।'
संकट में इमरान सरकार
आपको बता दें कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के लगभग 100 सांसदों ने आठ मार्च को नेशनल असेंबली सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव को नोटिस दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता एवं प्रधानमंत्री खान के नेतृत्व वाली सरकार देश में आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के लिए जिम्मेदार है। इमरान की पार्टी पीटीआई के अल्पसंख्यक विधायक डॉ. रमेश कुमार ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के असंतुष्ट एमएनए की संख्या बढ़कर 35 हो गई है, जिसमें से कोई भी पीटीआई में फिर से शामिल नहीं होगा। विपक्षी दलों ने खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।

