ब्रिटेन के बाद चीनी फर्म हुवावेई पर अमेरिकी गाज, कुछ कर्मचारियों पर लगाएगा वीजा प्रतिबंध

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 15, 2020, 11:59 PM IST

visa restrictions on huawei employee: मानवाधिकार उल्लंघन का हवाला देते हुए अमेरिका ने चीनी फर्म के कुछ कर्मचारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

ब्रिटेन के बाद चीनी फर्म हुवावेई पर अमेरिकी गाज, कुछ कर्मचारियों पर लगाएगा वीजा प्रतिबंध

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के मुद्दे पर अमेरिका और ब्रिटेन पहले से ही खफा है। इन सबके बीच चीन जिस तरह से दक्षिण चीन सागर में दादागीरी दिखा रहा है उसकी वजह से अमेरिका और खफा है। जिस तरह से भारत ने टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया, उसी तर्ज पर अमेरिका भी कह रहा है कि अब बहुत हो चुका चीन के खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी होगी। ब्रिटेन नें 5जी के संबंध में चीनी कंपनी हुवावेई पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन सबके बीच अमेरिकी ने कुछ वीजा प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है जिसमें हुवावेई कंपनी के कर्मचारी भी शामिल हैं। 

अमेरिका के निशाने पर हुवावेई फर्म
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो कहते हैं कि उन लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगाए जाएगा जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करते है, कार्रवाई की जद में चाइनीज टेक्नोलॉजी कंपनी के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों पर आरोप है कि वो सर्विलांस औजारों से लोगों को परेशान करते हैं। अमेरिका का कहना है कि सभ्य समाज में अकारण किसी की निगरानी का औचित्य नहीं है। लेकिन चीनी फर्म का जो रवैया रहा है वो आपत्तिजनक है। 


चीन के साथ तनातनी जगजाहिर
अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते कोरोना काल से पहले ही खराब चल रहे थे। ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों में सहमति बनी थी। लेकिन अमेरिका का कहना था कि सौदे का झुकाव जरूरत से अधिक चीन की तरफ है और अलग हो गया। रही सही कसर कोरोना ने पूरी कर दी। डोनाल्ट ट्रंप कोरोना के प्रसार के लिए चीन को जिम्मेदार बताते हैं। वो कहते हैं कि अगर चीन की तरफ से समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद दुनिया का यह हाल नहीं होता। 

End of Article