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अमेरिका में पहली बार नाइट्रोजन गैस से दी गई मौत की सजा, लगे सिर्फ 22 मिनट; शख्स ने बताई दहला देने वाली आंखों देखी

अलबामा जेल में बंद 58 वर्षीय केनेथ यूजीन स्मिथ को मास्क के माध्यम से नाइट्रोजन गैस दी गई। गैस देते ही उसका शरीर कांपने लगा और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। तकरीबन 22 मिनट की प्रक्रिया के बाद उसके शरीर में ऐंठन आ गई और 8:25 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। सजा के दौरान स्मिथ के परिजनों समेत कई पत्रकार भी वहां मौजूद रहे।

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अमेरिका के अलबामा में गुरुवार को हत्या के दोषी को नाइट्रोजन गैस सुंघाकर दी गई थी मौत की सजा

अमेरिका के इतिहास में पहली बार गुरुवार को किसी व्यक्ति को मौत की सजा देने के लिए नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल किया गया। अमेरिका के अलबामा में मौत की सजा पाए व्यक्ति को फेस मास्क के जरिए नाइट्रोजन गैस सुंघार मौत की सजा दी गई। मौत की सजा के लिए अपनाए गए इस तरीके की अमेरिका समेत पूरे विश्व में चर्चा है। दुनिया के कई मानवधिकार संगठनों इस घटना को क्रूर बताते हुए कई जगहों पर प्रदर्शन भी किया। अलबामा के अटॉर्नी जनरल स्टीव मार्शल ने मौत की सजा के इस तरीके का बचाव किया लेकिन केनेथ यूजीन स्मिथ को ये दंड मिलते हुए देखने वाले लोगों का कहना है कि नाइट्रोजन गैस के इस्तेमाल की ये प्रकिया बहुत क्रूर थी।

एलिजाबेथ सेनेट की हत्या के मामले में दोषी था शख्स

जानकारी के अनुसार, केनेथ यूजीन स्मिथ को 1988 में एलिजाबेथ सेनेट की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी। नाइट्रोजन गैस का उपयोग करते हुए स्मिथ को ये सजा दी गई थी। समाचार एजेंसी एपी ने इस सजा को अपनी आंखों से देखने वाले पत्रकारों में से एक के हवाले से रिपोर्ट की है। इस सजा को पांच मीडियाकर्मियों, स्मिथ के धार्मिक गुरू, उसके वकील और परिवार के सदस्यों ने अपनी आंखों से देखा। चश्मदीदों का कहना है कि जिन लोगों ने सजा के इस तरीके को क्रूर और अमानवीय कहकर रोक की मांग की थी, उनको स्मिथ के अंतिम क्षणों ने सही साबित कर दिया। यह कैसे घटित हुआ इसकी जानकारी प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार चैंडलर ने दी है। जिन्होंने स्मिथ की सजा को लागू होते हुए देखा।

एपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मीडिया के लिए बनाए कमरे से सब कुछ देखने वाले चैंडलर ने बताया कि गुरुवार शाम विलियम होल्मन फैसिलिटी में लगी घड़ी में जब 7:53 बजे तो उस चैंबर का पर्दा हटाया गया, जिसमें सजा दी जानी थी। इससे हम लोगों को स्मिथ दिखने लगा। भूरे रंग की जेल की वर्दी पहने स्मिथ को पहले से ही बांधा गया था और एक सफेद चादर को उस पर लपेटा हुआ था। रेस्पिरेटर मास्क उसके चेहरे पर थे। इस मास्क में एक फेस शील्ड और प्लास्टिक ट्यूबिंग थी जो एक छेद के जरिए पास के कंट्रोल रूम से जुड़ी थी।

जेल वार्डन ने स्मिथ के चैंबर में कक्ष में एंट्री की और उसका डेथ वारंट पढ़ा। वारंट पढ़ने के बाद उन्होंने स्मिथ को अपने अंतिम शब्द बोलने के लिए एक माइक्रोफोन दिया। स्मिथ ने माइक्रोफोन पर कहा कि आज रात अलबामा मानवता को एक कदम पीछे की ओर से जा रहा है। इसके बाद स्मिथ ने अपने परिवार के सदस्यों की ओर अपनी उंगली से आई लव यू का संकेत किया और कहा मैं प्यार, शांति और रोशनी के साथ जा रहा हूं। आप सब को प्यार, अलविदा। स्मिथ के परिवार के सदस्य अलग कमरे और मीडिया के सदस्य और स्मिथ के वकील अलग कमरे से उसे देख रहे थे।

अधिकारियों ने स्मिथ को रात 8:25 बजे मृत किया घोषित

अटॉर्नी जनरल मार्शल ने जेल अधिकारियों को शाम 7:56 बजे सजा की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी। इसके बाद चैंबर में एक अधिकारी स्मिथ के पास आया और मास्क की जांच की। इसके बाद स्मिथ के मास्क में नाइट्रोजन छोड़ी गई। 7:58 बजे स्मिथ जोर-जोर से कांपने और छटपटाने लगा, उसका शरीर तेजी से ऐंठ रहा था। स्मिथ की बांह, सिर करीब दो मिनट तक झटके खाते रहे। दो मिनट तक स्मिथ जिस तरह से तड़प रहा था, वो देखना भयावह था। इस दौरान स्मिथ की पत्नी उसे देखकर चिल्ला उठी। दो मिनट बाद स्मिथ की सांसें गहरी होने लगीं और उसकी छाती ऊपर उठ गई। रात करीब 8:08 बजे जब लगा कि उसकी सांसें बंद हो चुकी हैं तो मास्क की जांच करने वाला अधिकारी फिर स्मिथ के पास गया और फिर शायद देखा कि वह अभी मरा है कि नहीं। इसके बाद 8:15 पर कमरे में पर्दे बंद कर दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने स्मिथ को रात 8:25 बजे मृत घोषित कर दिया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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