कनाडा के तेल समृद्ध प्रांत अल्बर्टा में देश से अलग होने की दिशा में आगे बढ़ने के प्रस्ताव को मतदाताओं ने बड़े अंतर से खारिज कर दिया है। मंगलवार को जारी अनौपचारिक नतीजों के मुताबिक, करीब 75 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा के साथ बने रहने का समर्थन किया, जबकि 25 प्रतिशत ने अलगाव की प्रक्रिया शुरू करने के पक्ष में वोट दिया। यह नतीजा प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के लिए राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
अल्बर्टा के चुनाव प्राधिकरण के अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, 18 लाख से अधिक वोटों की गिनती हो चुकी थी और मतदान केंद्रों तथा क्षेत्रों में से 84 प्रतिशत के नतीजे सामने आ चुके थे। यह जनमत संग्रह सीधे तौर पर स्वतंत्रता पर मतदान नहीं था। अगर अलगाव के पक्ष में प्रस्ताव को मंजूरी मिलती, तो इससे कनाडा से अलग होने के मुद्दे पर भविष्य में एक और जनमत संग्रह कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती थी।
कार्नी ने नतीजे को बताया एकता की जीत
कनाडा की राजधानी ओटावा में कैबिनेट बैठक से पहले प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अल्बर्टा के लोगों ने एकजुटता का विकल्प चुना है और यह कनाडा के लिए अच्छा नतीजा है। उन्होंने कहा, “नतीजा बिल्कुल स्पष्ट है। बहुत बड़े बहुमत ने कनाडा के साथ बने रहने के पक्ष में मतदान किया है। अब सभी अल्बर्टावासियों और कनाडाई नागरिकों के लिए मिलकर काम करने का समय है।”
कार्नी ने यह भी कहा कि अलगाव की प्रक्रिया शुरू करने के पक्ष में मतदान करने वाले लगभग एक चौथाई लोगों का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वे वास्तव में कनाडा से स्वतंत्रता चाहते हैं। उनके मुताबिक, कुछ मतदाता संघीय सरकार के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करना चाहते थे, जबकि स्वतंत्रता का समर्थन करने वालों का एक छोटा समूह ही अलग देश की मांग कर रहा था।
अल्बर्टा की प्रीमियर ने भी किया नतीजे का स्वागत
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने नतीजों का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “अल्बर्टा के लोगों ने एक एकजुट कनाडा में मजबूत अल्बर्टा के पक्ष में मतदान किया है।” स्मिथ ने अलगाव का समर्थन नहीं किया था, लेकिन उनकी अपनी यूनाइटेड कंजरवेटिव पार्टी (UCP) के भीतर अलगाव समर्थकों के दबाव के बीच उन्होंने जनमत संग्रह कराया था। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार शाम को प्रांत के लोगों को संबोधित करेंगी और अल्बर्टा के भविष्य पर अपनी बात रखेंगी।
