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भारत-बांग्लादेश में सुधरेंगे संबंध: जयशंकर के बाद तारिक रहमान से मिले भारतीय उच्चायुक्त; 40 मिनट तक हुई बातचीत

भारत और बांग्लादेश के संबंधों में इन दिनों तनाव साफ दिखाई दे रहा है। इसकी प्रमुख वजह बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हो रहे हमले हैं। बीते शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इन घटनाओं की कड़ी निंदा की थी।

तारिक रहमान से मिले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा।

तारिक रहमान से मिले भारतीय उच्चायुक्त।

अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने शनिवार को बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) द्वारा 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले उन्हें आधिकारिक तौर पर इस पद के लिए चुने जाने के एक दिन बाद यह मुलाकात हुई।बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रवक्ता सैरुल कबीर खान ने बताया कि दोनों के बीच लगभग 40 मिनट तक यह बैठक हुई। इससे पहले, बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के निधन के बाद उनके जनाजे में शामिल होने गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी तारिक रहमान से भी मुलाकात की थी।

भारत-बांग्लादेश के संबंधों में जारी है तनाव

भारत और बांग्लादेश के संबंधों में इन दिनों तनाव साफ दिखाई दे रहा है। इसकी प्रमुख वजह बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हो रहे हमले हैं। बीते शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इन घटनाओं की कड़ी निंदा की थी। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार यह देख रहा है कि चरमपंथी तत्व अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं और उनके घरों तथा व्यवसायों पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने इन घटनाओं को गंभीर रूप से चिंताजनक बताया था। साथ ही कहा कि इस तरह की सांप्रदायिक हिंसा से तुरंत और सख्ती से निपटना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इन हमलों को व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति खतरनाक है।

बता दें कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में बीते 18 दिनों के भीतर छह हिंदुओं की जान जा चुकी है, जिनमें से दो हत्याएं सिर्फ पिछले 24 घंटे में हुई हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

आगामी चुनाव में बीएनपी प्रमुख दल

बांग्लादेश की राजनीति में बीएनपी अग्रणी दल के रूप में उभरी है। जबकि कभी उसकी महत्वपूर्ण सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी मुख्य प्रतिद्वंद्वी है। क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग चुनावों में हिस्सा नहीं ले रही। छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद 5 अगस्त, 2024 को अवामी लीग सरकार गिर गई थी। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पिछले साल एक आदेश के माध्यम से अवामी को भंग कर दिया और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया।

रहमान 2018 से बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष थे। पार्टी की नीति-निर्माण संबंधी स्थायी समिति ने शुक्रवार रात को उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी प्रमुख के रूप में चुना। रहमान की मां एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के 10 दिन बाद उन्हें पार्टी प्रमुख चुना गया। बांग्लादेश में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने रहमान को बीएनपी का अध्यक्ष बनाए जाने से कुछ घंटे पहले शुक्रवार को उनसे मुलाकात की। रहमान 17 वर्षों तक लंदन में स्वनिर्वासन में रहे और 25 दिसंबर को स्वदेश लौटे थे।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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