कोलकाता में महसूस हुए भूंकप के झटके; म्यामांर में था केंद्र, रिक्टर स्केल पर 6.0 रही तीव्रता
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 3, 2026, 11:50 PM IST
म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया है। भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके झटके पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों खास तौर पर कोलकाता और बांग्लादेश तक महसूस किए गए।
म्यामांर में भूकंप।
म्यांमार में काफी तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.0 दर्ज की गई है। यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 9:04 बजे आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इस के बारे में जानकारी दी। एजेंसी ने बताया कि म्यामांर में रात 21:04 बजे (IST)रिक्टर पैमाने पर 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके कई इलाकों में महसूस किए गए।
बांग्लादेश और कोलकाता तक महसूस किए गए झटके
इस भूकंप के झटके भारत के पूर्वी हिस्सों और पड़ोसी देश बांग्लादेश तक महसूस किए गए। पश्चिम बंगाल के कई इलाकों खासकर कोलकाता, में लोगों ने भूकंप महसूस होने की सूचना दी।यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (ईएमएससी) ने बताया कि भूकंप का केंद्र अक्याब से करीब 70 मील पूर्व में था और यह स्थानीय समयानुसार रात 9:04 बजे के आसपास आया। भूकंप की गहराई लगभग 57 किलोमीटर बताई गई है। ईएमएससी ने यह भी बताया कि बीते 71 घंटों के भीतर म्यांमार में यह तीसरा भूकंपीय झटका था,जिससे क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
यह भूकंप उथली गहराई पर होने के कारण काफी तेज महसूस हुआ। म्यांमार के कई इलाकों में भारी कंपन हुआ, लेकिन तत्काल कोई बड़े नुकसान या हताहत की रिपोर्ट नहीं आई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर रहा है।

म्यामांर में भूकंप।
कोलकाता में स्थानीयों ने दी जानकारी
भारत के पूर्वी हिस्सों में, खासकर कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मजबूत झटके महसूस किए गए। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए, इमारतें हिलीं और वस्तुएं गिरने लगीं। कोलकाता में कुछ मिनटों के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ। बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस हुए, जहां लोग सड़कों पर उतर आए।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि कुछ देर पहले जब मैं दुकान में था,तो मुझे अचानक एक झटका महसूस हुआ। वहीं एक अन्य ने बताया कि कोलकाता के कुछ इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए | स्थानीय निवासी मृत्युंजय दास ने बताया कि हमने झटके महसूस किए। बाद में हमें लगा कि लैंप और कुर्सी अपनी जगह से हिल गए हैं, तभी हमें पता चला कि भूकंप आया था।
नुकसान की अभी जानकारी नहीं
फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) और अन्य एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र इंडियन प्लेट और बर्मा प्लेट के टकराव वाला सक्रिय सीस्मिक जोन है, जहां ऐसे भूकंप आम हैं। उथली गहराई (10-60 किमी) के कारण कंपन दूर तक फैला।
बीते साल भी आया था भीषण भूकंप
गौरतलब है कि म्यांमार ने पिछले साल मार्च में इससे कहीं अधिक विनाशकारी भूकंप का सामना किया था। उस समय 7.7 तीव्रता के भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। उस घातक भूकंप का केंद्र सागाइंग के पास था। सागाइंग और मांडले सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहे थे। सरकारी मीडिया के अनुसार,उस आपदा में करीब 3,500 लोगों की जान गई थी।