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बांग्लादेश में फिर हिंसा, शेख मुजीबुर रहमान के गृहनगर में NCP रैली को लेकर बवाल, गोलीबारी में तीन की गई जान

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के कार्यालय ने कहा कि गोपालगंज में बुधवार रात 8 बजे से 22 घंटे का कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी पर हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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बांग्लादेश में एनसीपी रैली में हिंसा (File photo- AP)

4 Killed In Clashes in Bangladesh: बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के गृहनगर गोपालगंज में बुधवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान हुई झड़पों में कम से कम चार लोग मारे गए। प्रथोम आलो अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बंगबंधु के नाम से भी जाने जाने वाले रहमान का गृहनगर एक तरह से युद्धक्षेत्र में बदल गया, जब छात्र नेतृत्व वाली एनसीपी के मार्च से पहले उनकी बेटी और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के सैकड़ों समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई।

सुरक्षाबलों की गोलीबारी में तीन की मौत

अखबार के अनुसार, मृतकों में से तीन की पहचान दीप्तो साहा (25), रमजान काजी (18) और सोहेल मुल्ला (41) के रूप में हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि गोली लगने से घायल लोगों को गोपालगंज जनरल अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि गोली लगने से घायल नौ और लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। गोपालगंज में अर्धसैनिक बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की चार अतिरिक्त टुकड़ियां (करीब 200 सैनिक) भेजी गईं और अधिकारियों ने एनसीपी पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया।

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के कार्यालय ने कहा कि गोपालगंज में बुधवार रात 8 बजे से 22 घंटे का कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी पर हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मीडिया रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बांस के डंडों और ईंट-पत्थरों से लैस प्रदर्शनकारियों की पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ झड़प हुई।

वाहनों में तोड़फोड़ और काफिले पर हमले का आरोप

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक प्रमुख के वाहनों में तोड़फोड़ की और एनसीपी के काफिले पर हमला किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों को गोलियां चलानी पड़ीं। एनसीपी ने क्षतिग्रस्त मंच पर टूटे हुए साउंड सिस्टम के साथ रैली जारी रखी, जिसकी अध्यक्षता उसके संयोजक नाहिद इस्लाम ने की और कहा कि अगर कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऐसा करने में विफल रहीं तो वे खुद न्याय सुनिश्चित करेंगे। इस्लाम और प्रभावशाली एनसीपी नेता हसनत अब्दुल्ला ने "मुजीब की विरासत" के अवशेषों को मिटाने का वादा किया।

एनसीपी संयोजक ने घोषणा की कि अगर उनके रैली स्थल पर हुए हमले के लिए शीघ्र इंसाफ नहीं मिला, तो उनकी पार्टी अपने हाथों से गोपालगंज को मुजीबवाद से मुक्त कराने के लिए वापस आएगी। इस्लाम ने कहा कि अगर पुलिस बल नाकाम रहे तो हम न्याय जरूर करेंगे। यह टिप्पणी एनसीपी नेता सरजिस आलम द्वारा दिन में उनके काफिले पर हुए हमले की निंदा करने के तुरंत बाद आई है, जिसमें उन्होंने सभी से गोपालगंज पहुंचने और प्रतिबंधित अवामी लीग के सदस्यों के खिलाफ प्रतिरोध करने का आह्वान किया था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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