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150 विमान, 30 मिनट का ऑपरेशन...अमेरिकी सेना ने किस तरह निकोलस मादुरो को ‘किले’ से किया गिरफ्तार

सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप द्वारा पूर्वी समयानुसार रात 10:46 बजे मिशन को मंजूरी देने के बाद यह अभियान रात भर चला। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अनुकूल मौसम का कई दिनों तक इंतजार किया और तब तक इंतजार किया जब तक बादल छंटकर विमानों के सुरक्षित रूप से उड़ान भरने लायक नहीं हो गए।

Maduro captured

अमेरिकी सेना ने 30 मिनट में ही मादुरो को पकड़ा

Photo : AP

US strike on Venezuela: शुक्रवार की सुबह जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में पोस्ट कर रहे थे और पवन ऊर्जा संयंत्रों के बारे में बातें कर रहे थे, उसी दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान अपने अंतिम चरण में था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, "एब्सोल्यूट रिजॉल्व" नामक इस अभियान की योजना और पूर्वाभ्यास महीनों से चल रहे थे। यह ऑपरेशन शुरू होते ही 30 मिनट से भी कम समय में पूरा हो गया और कुछ ही घंटों में निकोलस मादुरो का शासन समाप्त हो गया। जानिए कैसे अमेरिकी सेना ने इस अभियान को अंजाम दिया।

मादुरो के आवास की हूबहू प्रतिकृति बनाई

हमले से कुछ दिनों पहले अमेरिकी सेना ने चुपचाप वेनेजुएला के तट पर अपनी उपस्थिति बढ़ा ली थी, जबकि खुफिया एजेंसियों ने मादुरो की दिनचर्या का बारीकी से अध्ययन किया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने अलग-अलग समय पर मादुरो के ठहरने के स्थान, उनकी आदतों और यहां तक कि उनके पालतू जानवरों और कपड़ों जैसी छोटी-छोटी बातों पर भी नजर रखी। ट्रंप के अनुसार, पूर्वाभ्यास के लिए मादुरो के किलेनुमा आवास की हूबहू प्रतिकृति बनाई गई थी। ट्रंप ने कहा, उन्होंने बिल्कुल वैसा ही घर बनाया था जैसा उस घर में वे घुसे थे, जिसमें हर जगह स्टील लगा हुआ था। ट्रंप ने यह भी कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को निकालने के लिए सेना के काम के दौरान अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के उस शहर में लगभग सभी बत्तियां बुझा दी थीं। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को टेलीफोन पर दिए एक साक्षात्कार में बताया कि मादुरो एक किले में थे।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि तैयारियां व्यापक थीं। केन ने कहा, हम सोचते हैं, योजना बनाते हैं, प्रशिक्षण देते हैं, अभ्यास करते हैं, समीक्षा करते हैं, फिर से अभ्यास करते हैं, और बार-बार अभ्यास करते हैं। इसका मकसद सब कुछ सही करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हमसे कोई गलती न हो।

150 से अधिक विमान वेनेजुएला में दाखिल हुए

सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप द्वारा पूर्वी समयानुसार रात 10:46 बजे मिशन को मंजूरी देने के बाद यह अभियान रात भर चला। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अनुकूल मौसम का कई दिनों तक इंतजार किया और तब तक इंतजार किया जब तक बादल छंटकर विमानों के सुरक्षित रूप से उड़ान भरने लायक नहीं हो गए। डैन केन ने कहा कि हेलीकॉप्टर पानी के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे ताकि उनका पता न चल सके, जबकि अमेरिकी विमानों ने ऊपर से सुरक्षा प्रदान की। ब्लूमबर्ग के अनुसार, अमेरिकी सेना द्वारा देश की हवाई सुरक्षा को निष्क्रिय करने के बाद 150 से अधिक अमेरिकी विमान वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए। इस बीच, आर्मी डेल्टा फोर्स के कमांडो को उस सैन्य अड्डे पर भेजा गया जहां मादुरो ठहरे हुए थे।

निकोलस मादुरो का भागने का प्रयास नाकाम रहा

डेल्टा टीम ने स्टील के दरवाजे तोड़ दिए और मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस तक पहुंच गए। दोनों किसी सुरक्षित कमरे में प्रवेश ही नहीं कर पाए। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन पलों के बारे में बताया। ट्रंप ने कहा, वे एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। वह बहुत मोटा और भारी दरवाज़ा था। लेकिन वह उस दरवाज़े तक नहीं पहुंच पाए। वह दरवाजे तक तो पहुंच गए, लेकिन उसे बंद नहीं कर पाए।

वहीं, वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि हमले में नागरिक और सैन्यकर्मी मारे गए। एक टेलीविजन संबोधन में उन्होंने मादुरो की रिहाई की मांग की और उन्हें देश का सही नेता बताया। साथ ही उन्होंने वाशिंगटन के साथ बातचीत की संभावना भी खुली रखी। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, रोड्रिगेज़ ने कहा कि हम सम्मानजनक संबंध रखने को तैयार हैं। इस अभियान की अमेरिका और विदेशों में पहले ही आलोचना हो चुकी है, जबकि व्हाइट हाउस इसे एक निर्णायक और सावधानीपूर्वक पूरा किया गया अभियान बता रहा है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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